राष्ट्रपति मुर्मू से मिला TDP सांसदों का प्रतिनिधिमंडल, चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी में हस्तक्षेप की मांग की
तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) के महासचिव नारा लोकेश ने कहा कि अमरावती इनर रिंग रोड (आईआरआर) में कथित अनियमितताओं से उनका कोई लेना-देना नहीं है। टीडीपी के राष्ट्रीय महासचिव ने मंगलवार को बताया कि युवागलम पदयात्र को फिर से शुरू किया जाएगा।
टीडीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी के बाद इस पदयात्रा को रोक दी थी। अब 29 सितंबर से फिर से इसे शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। मेरे खिलाफ दायर मामलों का कोई वजन होता, तो सीआईडी दिल्ली आकर मुझे गिरफ्तार क्यों नहीं करती?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के बाद दिल्ली में पत्रकारों से बात कर रहे थे। कनकमेडाला रवींद्र कुमार, केसिनेनी श्रीनिवास (नानी), गल्ला जयदेव और के राम मोहन नायडू सहित टीडीपी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपकर एपीएसएसडीसी मामले में टीडीपी सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी में हस्तक्षेप की मांग की।
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सत्तारूढ़ वाईएसआरसी पर टीडीपी नेताओं के खिलाफ झूठे मामले थोपने का आरोप लगाया। नारा लोकेश ने आरोप लगाया कि सरकार के पास उनके आरोपों का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं है। सीआईडी मामले दर्ज करने के बाद हमसे सबूत मांग रही है।
नायडू की गिरफ्तारी को जगन का तोहफा बताते हुए लोकेश ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि मुख्यमंत्री को छह महीने के भीतर रिटर्न गिफ्ट मिले।
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