Hormuz New toll System: ईरान के नए परमिट सिस्टम में फंसे भारत और चीन के तेल टैंकर? 300 जहाजों ने किया अप्लाई
Hormuz New Toll System: दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट अब एक नए विवाद के केंद्र में है। ईरान ने यहां टोल और परमिट सिस्टम लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है, जिसके बाद 300 से ज्यादा जहाजों ने सुरक्षित गुजरने के लिए आवेदन किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे ज्यादा आवेदन तेल टैंकरों की तरफ से आए हैं।
चीन और भारत जाने वाले जहाजों की संख्या भी काफी अधिक है। इस कदम ने ग्लोबल ट्रेड, तेल सप्लाई और अमेरिका-ईरान रिश्तों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।

India China crude oil Hormuz: 300 से ज्यादा जहाजों ने किया आवेदन
ईरान से जुड़ी नई अथॉरिटी PGSA का दावा है कि होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने के लिए अब तक 300 से ज्यादा जहाजों ने परमिट के लिए अप्लाई किया है। इनमें ज्यादातर ऑयल टैंकर शामिल हैं। बताया गया है कि करीब 77 फीसदी जहाज फारस की खाड़ी से निकलकर एशियाई देशों की ओर जा रहे हैं। चीन और भारत इन जहाजों के प्रमुख डेस्टिनेशन हैं। दोनों देश खाड़ी क्षेत्र से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस खरीदते हैं।
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फीस कितनी होगी, अभी नहीं हुआ खुलासा
ईरान ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से कितना टोल लिया जाएगा। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एक बड़े तेल टैंकर से करीब 20 लाख डॉलर तक शुल्क लिया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो शिपिंग कंपनियों की लागत में भारी बढ़ोतरी होगी। इसका असर तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल टोल की आधिकारिक दरों का इंतजार किया जा रहा है।
दोस्त देशों को प्राथमिकता, दुश्मन देशों पर रोक
PGSA ने कहा है कि ईरान के मित्र देशों और सहयोगी सरकारों से जुड़े जहाजों को परमिट देने में प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं अमेरिका, इजरायल और उनके करीबी सहयोगी देशों के जहाजों को अनुमति नहीं दी जाएगी। ईरानी सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। इससे होर्मुज स्ट्रेट केवल एक समुद्री मार्ग नहीं बल्कि भू-राजनीतिक दबाव का नया माध्यम बनता दिखाई दे रहा है।
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अमेरिका ने दी चेतावनी
अमेरिका ने जहाज मालिकों और शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे ईरान को किसी भी प्रकार का शुल्क न दें। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने PGSA पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान वैश्विक समुद्री व्यापार से जबरन पैसा वसूलने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका ने साफ किया है कि अगर कोई कंपनी प्रतिबंधित संस्थाओं को भुगतान करती है तो उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
होर्मुज को लेकर बढ़ रहा अमेरिका-ईरान टकराव
पिछले कुछ महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा है। क्षेत्रीय संघर्ष और सैन्य गतिविधियों के बाद होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा बड़ा मुद्दा बन गई। ईरान पहले भी इस रणनीतिक समुद्री रास्ते को बंद करने की चेतावनी देता रहा है। अब टोल सिस्टम की योजना को अमेरिका चुनौती दे रहा है। दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत की कोशिशें हुईं, लेकिन अब तक कोई साझा समाधान नहीं निकल पाया है। इससे पूरे पश्चिम एशिया में अनिश्चितता बनी हुई है।












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