प्रयास आवासीय स्कूल के छात्रों से मिले भूपेश बघेल, नक्सल प्रभावित इलाकों से आकर कर रहे हैं टॉप

रायपुर, दिसंबर 10। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को प्रयास आवासीय विद्यालय के होनहार छात्रों से मुलाकात की। दरअसल, मुख्यमंत्री इस स्कूल में आयोजित विद्यार्थियों के प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए थे। इस दौरान स्कूल के छात्रों ने अपने अनुभवों के सीएम के साथ शेयर किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वीर नारायण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि के साथ की।

Prayas School

आपको बता दें कि प्रयास आवासीय विद्यालय राज्य सरकार के द्वारा चलाया जाने वाला एक ऐसा स्कूल है, जो प्रतिभावान छात्रों को प्लेटफॉर्म देता है कुछ बेहतर करने के लिए। ऐसे ही कुछ बच्चों के बारे में हम आपको बताते हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों से आने वाले बच्चे इस स्कूल में पढ़कर आज बड़े प्लेटफॉर्म पर काबिज हैं। कभी ठीक से हाई स्कूल तक की पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाने वाले नक्सल प्रभावित जिले के बच्चों को जब उनके क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार के माध्यम से स्वर्गीय राजीव गांधी प्रयास आवासीय विद्यालय जैसी उच्च गुणवत्ता वाली संस्थाओं की सुविधाएं मिली तो वे इंजीनियरिंग, मेडिकल सहित कई कठिन परीक्षाएं पास कर देश के आईआईटी सहित नामी शिक्षण संस्थानों में अपनी जगह बनाने लगे हैं।

प्रयास विद्यालय में पढ़कर सफलता के शिखर पर पहुचने वाले विद्यार्थियों से जब प्रदेश के मुखिया श्री भूपेश बघेल रूबरू हुए तो उनके अनुभव सुन काफी रोमांचित हुए। श्री बघेल ने शहीद वीरनारायण सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में स्वर्गीय राजीव गांधी स्मृति प्रयास आवासीय विद्यालयों के मेघावी विद्यार्थियों का सम्मान करते हुए लैपटॉप के लिए 50-50 हजार रूपए की अनुग्रह राशि प्रदान की।

देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक आईआईटी बीएचयू में इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग शाखा में पढ़ने वाले तरूण कुमार पैकरा ने बताया कि वो एक किसान परिवार से आते हैं। सरगुजा जिले के गांव बमलाया में उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई। कक्षा 9वीं से उन्होंने प्रयास विद्यालय में पढ़ाई की। तरूण कुमार बताते हैं कि कक्षा 9वीं और 10वीं में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा क्वॉलिफाई किया। इससे न केवल मेरे बेसिक्स स्ट्रॉन्ग हुए, बल्कि आत्मविश्विास भी बढ़ा। तरूण ने बताया कि उन्होंने बचपन से ही इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर बनाने का सपना संजोकर रखा था, इसलिए गणित विषय लेकर आईआईटी-जेईई की तैयार शुरू की। शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन और सहपाठियों के साथ प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण से जेईई एडवांस परीक्षा में सफलता मिली।

दूसरा उदाहरण है आईआईटी पटना में पढ़ाई कर रही राजनांदगांव जिले की जागृति कंवर का, जिन्होंने अपनी सफलता के अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रयास विद्यालय में आईं तो मन में परिवार से दूर कैसे रहूंगी यही ख्याल था, पर प्रयास में एक नया और बहुत बड़ा परिवार मिला। जल्द ही यह महसूस हुआ कि पढ़ाई के लिए इससे अच्छा वातावरण हो ही नहीं सकता। यहां आकर अपना पूरा ध्यान आईटीआई में प्रवेश के लिए लगा दिया। शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिश्रम से उन्हें यह सफलता मिली। उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा ग्राम खपरी सिरदार में हुई है।

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में मेथेमेटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग शाखा में अध्ययनरत राजनांदगांव जिले के श्री लुभास कुमार ने बताया कि शुरू से ही उनकी रूचि गणित और इंजीनियरिंग के पढ़ाई के प्रति थी। कक्षा 8वीं तक की पढ़ाई तहसील छुरिया के गांव पदगुड़ा में ही हुई। विज्ञान विषय में विशेष रूचि होने के कारण उनका चयन प्रयास विद्यालय में हुआ। उन्होंने बताया कि प्रयास विद्यालय में चयन होने से काफी उत्साहित हुआ क्योंकि गांव में हाईस्कूल नहीं था और उन्हें इंजीनियरिंग की पढ़ाई करनी थी। प्रयास विद्यालय में चयन होना उनकी जिंदगी का महत्वपूर्ण टर्निंग पाइंट साबित हुआ। प्रयास विद्यालय के शिक्षकों और सहपाठियों से मिले सहयोग से उनका चयन आईआईटी में हुआ।

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