राजस्थान में JJP के एंट्री से जाट वोटों को लेकर बढ़ेगा संघर्ष, जानिए बड़ी वजह
राजस्थान विधानसभा चुनाव को को लेकर राजनीतिक दलों में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। ऐसे इस बार राज्य के चुनावी समीकरण बदल सकता है। इस वजह जेजेपी की एंट्री बताई जा रही है। ऐसे में राज्य की 10 प्रतिशत जाट आबादी को वोटों को लेकर संघर्ष बढ़ेगा। दावा किया जा रहा है कि जाट वोटों को लेकर दम भरने वाली कांग्रेस के वोटों में सेंधमारी हो सकती है।
जननायक जनता पार्टी (JJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला ने ऐलान किया है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव भी लड़ेगी। बता दें कि जेजेपी हरियाणा में भाजपा के नेतृत्व वाली खट्टर सरकार में शामिल है। अब आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव में जेजेपी की एंट्री जाट वोटों पर दम भरने वाली पार्टियों के लिए मुश्किल बढ़ा सकती है।

दरअल, भाजपा पिछले कुछ दशकों में जाट वोटों को भुनाने में काफी हद तक सफल रही है। लेकिन राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) भी जाट वोटों को लेकर यहां कड़ी टक्कर देती है। वहीं अब हरियाणा में भाजपा की जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) जिसके प्रमुख नेता जाट रहे हैं, राजस्थान में आ रही है। पहले दावा किया जा रहा था कि राजस्थान में जेजेपी भाजपा के साथ गठबंधन करने वाली है, लेकिन भाजपा ने अब तक जेजेपी के साथ साझेदारी की पुष्टि नहीं की है।
प्रमुख जाट नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल ने कहा है कि उनकी पार्टी जेजेपी राजस्थान में 25 से 30 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बता दें कि जेजेपी का गठन इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के भीतर विभाजन के बाद हुआ था। जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला भाजपा के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं।
राजस्थान में जेजेपी की एंट्री बात करें तो ये पहला मौका नहीं जब पार्टी राज्य के विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारने जा रही है। पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल ने राजस्थान में जेजेपी के कैंडिडेट्स उतारने की घोषणा के साथ कहा कि 1989 में सीकर लोकसभा सीट जीती थी। दुष्यंत चौटाला के पिता और पूर्व सांसद अजय सिंह ने भी राजस्थान से चुनाव लड़ा और जीता है। 1990 में जनता दल के टिकट पर दांता रामगढ सीट से चुनाव लड़ा।












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