मुख्यमंत्री द्वारा डीए रिलीज के बारे राज्य कर्मचारियों को धोखा देना निंदनीय: शिरोमणी अकाली दल
चंडीगढ़, 2 नवंबर: शिरोमणी अकाली दल ने आज मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा घोषणा कर राज्य कर्मचारियों को धोखा देने की कोशिश की है कि उन्हे इस साल जुलाई से 11 फीसदी का बढ़ा हुआ बकाया मिलेगा, लेकिन एक अधिसूचना जारी करना कि यह 1 नवंबर से लागू होगा, बेहद निंदनीय है।

इस घटनाक्रम पर हैरानी जाहिर करते हुए अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री से कहा कि वह स्पष्ट करें कि क्या उन्हे सरकार के फैसले की जानकारी है और उन्होने जानबूझकर कर्मचारियों को गुमराह किया है, यां उन्हे वित्त विभाग ने जानबूझकर अपमानित किया है, और यह वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल द्वारा किया गया है।
डॉ. चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री का इस तरह की हरकतें करना अशोभनीय है। उन्होने कहा, "कल ही श्री चरणजीत सिंह चन्नी ने विशेष रूप से बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में घोषणा की थी कि उन्होने कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते को मौजूदा 17 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी कर दिया गया है। अब इसे नवंबर तक कर दिया गया है। यह निश्चित नही है कि यह दिसंबर से भी प्रभावी होगा यां कांग्रेस सरकार के अन्य वादों की तरह इसे भी पूरा करने के लिए अगली सरकार पर छोड़ दिया जाएगा।"
डॉ. चीमा ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि मंहगाई भत्ते के संबंध में आज जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारियों को बकाया राशि जारी करने के संबंध में फैसला बाद में लिया जाएगा। उन्होने कहा कि कर्मचारियों पर पहले से ही 4500 करोड़ बकाया था। "यह बकाया उन्हे तुरंत जारी किया जाना चाहिए। सरकार के पास सिर्फ दो महीने बचे हैं। इस निर्णय को जारी न करने का मतलब यह है कि इस सरकार का इसका बकाया जारी करने का कोई इरादा नही है, और इसने इसे भी अगली सरकार पर छोड़ दिया है।"
डॉ. चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस तरह से कर्मचारियों की पीठ में छूरा घोंपा है, उससे साबित हो गया है कि उनके किसी भी वादे को पूरा करने पर भरोसा नही किया जा सकता। उन्होने कहा कि "पंजाबी अब श्री चन्नी पर भरोसा नही करेंगें।"












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