सिंधिया को भाया इंदौर के वरिष्ठ नेताओं का साथ
इंदौरी नेताओं के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की केमेस्ट्री किसी से छुपी नहीं है। अब एक नया ट्रेंड निकलकर सामने आया है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया यहां संगठन और वरिष्ठ नेताओं से
भोपाल,7 सितंबरः इंदौरी नेताओं के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की केमेस्ट्री किसी से छुपी नहीं है। अब एक नया ट्रेंड निकलकर सामने आया है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया यहां संगठन और वरिष्ठ नेताओं से तालमेल बैठाने की कोशिश ज्यादा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री चौहान की बात करें तो वे महिला, बच्चों में अपनी 'लोकप्रियता' और विधायकों के बीच तालमेल बनाने पर ही ज्यादा फोकस कर रहे हैं। पिछले एक महीने में तीन से चार ऐसे मौके आए हैं जब सिंधिया कैलाश विजयवर्गीय समेत वरिष्ठ नेताओं के बीच ही रहे तो शिवराज विधायकों या लोकल पब्लिक इवेंट में। पहले हम सिंधिया का अंदाज बताते हैं, फिर आपको शिवराज चौहान का एक महीने पुराना किस्सा भी याद दिलाएंगे...

कहा जाता है कि जब तक ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में थे, चुनिंदा लोगों से ही वन टू वन मिलते थे। जब से भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा है, तब से अंदाज लगातार बदल रहा है। कभी धुर विरोधी रहे वरिष्ठ नेता व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय से नजदीकी दिनोंदिन बढ़ गई है। यह राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस नेता सिंधिया का महाराज वाला अंदाज भाजपा में शामिल होने के बाद से बदल सा गया है।
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पिछले महीने सिंधिया ने विजयवर्गीय से उनके घर जाकर मुलाकात की और करीब एक घंटा वहां बिताया। वे अपने बेटे महाआर्यमन को भी साथ ले गए थे और विजयवर्गीय से यह कहते हुए मिलवाया था कि आपके लिए सरप्राइज लाया हूं। बता दें कि अमेरिका से लौटने और बंगला का प्रभार वापस लेने के बाद यह पहला मौका था, जब कोई बड़ा नेता विजयवर्गीय से मिलने उनके घर पहुंचा था। बीते शनिवार को दोनों के बीच एक बार फिर स्ट्रांग कैमिस्ट्री देखने को मिली। एमपीसीए के कार्यक्रम के दौरान सिंधिया स्टेज से उतरे और नीचे बैठे विजयवर्गीय का हाथ पकड़कर उन्हें ससम्मान अपने साथ स्टेज पर ले गए। छह महीने पहले भी आईडीसीए के एक कार्यक्रम में सिंधिया सोफे पर जाकर विजयवर्गीय के नजदीक बैठ गए थे और उनका हाथ पकड़कर काफी देर गुफ्तगु की थी।
संगठन में दिग्गज नेता रह चुके कृष्णमुरारी मोघे का हाथ पकड़कर मंच पर ले गए और कहा ये मेरे आदरणीय हैं
हालांकि वरिष्ठ नेताओं को हाथ पकड़कर मंच पर ले जाने का सिंधिया का अंदाज कोई नया नहीं है। 2020 में जब सिंधिया भाजपा में शामिल हुए थे तो कुछ ही दिनों बाद भोपाल में पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में ऐसा एक और वाकया हुआ। उस दौरान सिंधिया मंच पर बैठे थे और जैसे ही उनका ध्यान सामने वाली पंक्ति पर बैठे वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे पर गया तो वे नीचे उतरे और उनका हाथ पकड़कर मंच पर लाए व अपने पास बैठाया। सिंधिया ने इस दौरान सार्वजनिक रूप से कहा कि मोघे उनके आदरणीय हैं और सिंधिया परिवार से उनका तीन पीढ़ियों का पारिवारिक रिश्ता है। तब सिंधिया का यह बयान राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चाओं में रहा था।
इंदौर की सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक ताई से गले मिले... हाथ पकड़कर आगे तक लाए
इसके पहले वे जब एक बार पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से उनके मनीषपुरी स्थित निवास पर मिलने गए थे तो उन्होंने ताई से गले मिलकर एक बेटे की तरह आशीर्वाद लिया। ताई के साथ दूसरा मौका छह माह पहले होटल रेडिसन में आया था जब इंदौर-गोंदिया-हैदराबाद फ्लाइट के शुभारंभ कार्यक्रम में ताई से फिर काफी आत्मीयता से मिले और उनका हाथ पकड़कर आगे तक ले गए।
शिवराज हाल ही में इंदौर में दो बड़े कार्यक्रम में आ चुके हैं। पहले तिरंगा यात्रा के वक्त जब मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट और उसके बाद डेढ़ किलोमीटर का सफर तय किया, तो उन्होंने तमाम इंदौरी नेताओं को वक्त वक्त पर प्रमोट किया, एडजस्ट किया और मैनेज भी किया..। उसके बाद इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित पहले सिक्सलेन फ्लाइ ओवर के शिलान्यास में। आइए आपको सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं कब क्या हुआ, कैसे हुआ..
तिरंगा यात्रा में सीएम को शाम चार बजे पहुंचना था। लेकिन वे समय से लगभग डेढ़ घंटा देरी से पहुंचे। इस दौरान एयरपोर्ट पर उनकी अगवानी के लिए दो नेता मौजूद थे। इंदौर की 5 नंबर से विधायक महेन्द्र हार्डिया और भाजपा के नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे। यहां सीएम ने हार्डिया से बातचीत की। वैसे नगर निगम चुनाव में भी सीएम ने अपने रोड शो की शुरुआत हार्डिया के विधानसभा क्षेत्र से ही की थी। यहां नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे भी सीएम की अगवानी करने पहुंचे थे।
राजमोहल्ला पर यात्रा के स्टार्टिंग पाइंट के लिए मंच बनाया गया था। यह क्षेत्र एक नंबर विधानसभा में आता है। यहां सीएम ने विधानसभा क्रमांक एक से पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता को मंच पर तवज्जो दी। उनके साथ मेयर पुष्यमित्र भार्गव, इंदौर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, विधायक रमेश मेंदोला और पूर्व विधायक मधु वर्मा को अपने साथ आगे रखा।
यात्रा शुरू होने पर जिस रथ पर सीएम सवार थे, उस पर भी नेताओं की जमावट राजनीतिक नजरिए से बेहद खास जमावट के साथ रखी गई। यहां महिला विधायक मालिनी गौड़ सीएम के साथ सबसे आगे तिरंगा लहराती नजर आई। यात्रा जितनी देर जवाहर मार्ग पर विधानसभा क्रमांक चार में रही, मालिनी ही आगे रहीं।
जवाहर मार्ग से यात्रा जैसे ही गुरुद्वारा चौराहे से राजबाड़ा की ओर मुड़ी उससे ठीक पहले दोनों महिला विधायकों को दूसरी पंक्ति में कर विधानसभा क्रमांक 3 से विधायक आकाश विजयवर्गीय को सीएम के साथ फ्रंट लाइन में कर दिया गया। आकाश को उनके विधानसभा क्षेत्र में सीएम ने पूरे समय अपने साथ रख लगभग सभी विधायकों को साधने या कहें मैनेज करने का जादू दिखा दिया। राजमोहल्ला में मंच पर फ्रंट लाइन में नजर आने वाले मेयर, मधु वर्मा और रमेश मेंदोला रथ पर पूरे समय दूसरी पंक्ति में ही खड़े दिखे।
जब शिवराज सिंह चौहान लगातार इवेंट पर ही फोकस करते रहे
पिछले सप्ताह शिवराज सिंह चौहान बच्चों से जुड़े एक कार्यक्रम में पहुंचे। इवेंट स्थानीय संस्था ने किया। इसके बाद उन्होंने हितग्राहियों के सरकारी कार्यक्रम में शिरकत की। अंत में फ्लायओवर के शिलान्यास में पहुंचे। और लौट गए। यहां उनका एग्रीसिव अंदाज चौंकाने वाला रहा। वे पूरे समय चलते हुए ही भाषण देते रहे।
सिंधिया-शिवराजसिंह के नए-नए अंदाज करीब की राजनीति का हिस्सा
कांग्रेसी नेता भी मानते हैं कि सिंधिया का पहले ऐसा अंदाज नहीं था। लेकिन जब से वे भाजपा में गए हैं उन्होंने इसे अपनी विशिष्ट शैली बना ली है। जो अपनापन या करीबी दिखाने की राजनीति का एक हिस्सा है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी लगातार इंदौर के दौरे कर रहे हैं। उनका भी अंदाज अब बदला है। मंच पर चारों ओर घूम-घूमकर लोगों से बात करना और इंदौरी नेताओं की तारीफ करना नहीं भूल रहे। शिवराज का आत्मविश्वास भी पिछले कुछ दिनों में बढ़ा हुआ नजर आ रहा है। कुल मिलाकर सिंधिया-शिवराज सिंह दोनों के बदले अंदाज राजनीतिक गलियारों के साथ ही जनता के बीच भी चर्चाओं में हैं।












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