तेलंगाना में ग्रामीण उद्यमशीलता को आगे बढ़ा रहीं सर्वोदय महिलाएं
सर्वोदय ग्राम सेवा फाउंडेशन की स्थापना आईआरएस अधिकारी डॉ सुधाकर नायक ने अन्य आईआरएस अधिकारियों और डॉक्टरों के साथ गोंगुलुरू की महिला उद्यमियों को सलाह देने के लिए की थी।

तेलंगाना के नाम एक और उपलब्धि जुड़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण का रास्ता दिखाते हुए सर्वोदय महिला उद्यमी-गोंगुलुरू ने तेलंगाना में संगारेड्डी जिले के गोंगुलुरु गांव में अपना कुटीर उद्योग स्थापित करने के बाद पहले वर्ष में 60 लाख रुपये का रिकॉर्ड कारोबार किया है।
सर्वोदय ग्राम सेवा फाउंडेशन (एसजीएसएफ) की स्थापना आईआरएस अधिकारी डॉ सुधाकर नायक ने अन्य आईआरएस अधिकारियों और डॉक्टरों के साथ गोंगुलुरू की महिला उद्यमियों को सलाह देने के लिए की थी। एसजीएसएफ ने 2019 में गोंगुलुरु गांव को गोद लिया था ताकि पुलकल मंडल में गांव का चहुंमुखी विकास हो सके। इसके तहत इसने स्थानीय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कुटीर उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित किया ताकि लाभ कमाने के लिए चीजों का निर्माण किया जा सके और उनके लिए रोजगार सृजित किया जा सके।
इसमें गोंगुलुरु गांव और आस-पास के गांवों की 78 एसएचजी महिलाएं शामिल हुईं, जिनमें 52 शहरी महिलाएं शामिल थीं। इनमें ज्यादातर डॉक्टर और अन्य पेशेवर महिलाएं थीं, जिन्होंने पिछले साल 16 फरवरी को उद्योग शुरू करने के लिए 2 करोड़ रुपये जुटाए थे। जहां शहरी महिलाएं उत्पादों की मार्केटिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, वहीं ग्रामीण महिलाएं विनिर्माण में लगी हुई हैं। महिलाएं कोल्ड-प्रेस्ड खाद्य तेल, बिना पॉलिश की हुई दालें, प्रसंस्कृत बाजरा, मसाले, अचार, हाथ से बने साबुन, डिटर्जेंट और अन्य उत्पादों की आपूर्ति करती हैं।
महिला उद्यमियों ने संगारेड्डी शहर के पोथिरेड्डीपल्ली जंक्शन पर अपना पहला आउटलेट भी खोला। काम करने वाली 35 महिलाओं में से, जो कंपनी में हितधारक भी हैं, 22 निर्माण इकाई में काम कर रही हैं जबकि बाकी मार्केटिंग में हैं। महिलाओं को प्रति माह 10,000-12,000 रुपये का भुगतान किया जाता है। इनमें से एक महिला हर महीने 22,000 रुपये घर ले जाती है। उन्हें बिक्री और उत्पादन के आधार पर प्रोत्साहन भी मिलता है।












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