झारखंड की 19 नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद का आरक्षण तय
रांची,18 नवंबर- राज्य निर्वाचन आयोग ने 19 नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद का भी आरक्षण तय कर दिया है। कुल 12 नगर पंचायतों के अध्यक्ष का पद अनारक्षित रखा गया है, जबकि पांच नगर पंचायतों के अध्यक्ष के पद अनुसूचित जनजाति तथा दो न
रांची,18 नवंबर- राज्य निर्वाचन आयोग ने 19 नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद का भी आरक्षण तय कर दिया है। कुल 12 नगर पंचायतों के अध्यक्ष का पद अनारक्षित रखा गया है, जबकि पांच नगर पंचायतों के अध्यक्ष के पद अनुसूचित जनजाति तथा दो नगर पंचायतों के अध्यक्ष के पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए गए हैं। नौ नगर पंचायतों में अध्यक्ष के पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। शेष 10 नगर पंचायतों में पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवार हो सकते हैं।

किस नगर पंचायत का अध्यक्ष पद किसके लिए आरक्षित
बंशीधर नगर पंचायत, गढ़वा अनारक्षित महिला
मझिआंव नगर पंचायत, गढ़वा अनारक्षित अन्य
हुसैनाबाद नगर पंचायत, पलामू अनुसूचित जाति अन्य
हरिहरगंज नगर पंचायत, पलामू अनुसूचित जाति महिला
छतरपुर नगर पंचायत, पलामू अनारक्षित अन्य
लातेहार नगर पंचायत अनुसूचित जनजाति अन्य
कोडरमा नगर पंचायत अनारक्षित अन्य
डोमचांच नगर पंचायत, कोडरमा अनारक्षित अन्य
बड़कीसरैया नगर पंचायत, गिरिडीह अनारक्षित महिला
धनवार नगर पंचायत, गिरिडीह अनारक्षित महिला
महागामा नगर पंचायत, गोड्डा अनारक्षित महिला
राजमहल नगर पंचायत, साहिबगंज अनारक्षित महिला
बरहरवा नगर पंचायत, साहिबगंज अनारक्षित महिला
बासुकीनाथ नगर पंचायत, दुमका अनारिक्षत अन्य
जामताड़ा नगर पंचायत अनारक्षित अन्य
बुंडू नगर पंचायत, रांची अनुसूचित जनजाति महिला
खूंटी नगर पंचायत अनुसूचित जनजाति अन्य
सरायकेला नगर पंचायत अनुसूचित जनजाति महिला
चाकुलिया नगर पंचायत, पूर्वी सिंहभम अनुसूचित जनजाति अन्य
चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा भी घोषित
नगर निकाय चुनाव Jharkhand Municipal Elections में विभिन्न पदों के उम्मीदवार एक लाख रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निगम, नगर परिषद तथा नगर पंचायत के महापौर या अध्यक्ष तथा वार्ड पार्षद या सदस्य के उम्मीदवारों द्वारा खर्च की अधिकतम सीमा तय कर दी है। खर्च की अधिकतम सीमा आबादी के अनुसार तय की गई है। इससे पहले आयोग ने वर्ष 2018 में खर्च की सीमा तय की थी। आयोग ने चुनाव खर्च को लेकर सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि चुनाव परिणाम की घोषणा के 30 दिनों के भीतर सभी उम्मीदवारों द्वारा चुनाव खर्च का पूरा ब्यौरा निर्धारित पदाधिकारी के समक्ष जमा किया जाना अनिवार्य होगा। निर्धारित दिशा-निर्देश के तहत चुनाव खर्च का ब्यौरा नहीं देनेवाले उम्मीदवारों को तीन वर्ष के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य करार किया जा सकता है।












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