राजस्थान सरकार का पर्यटकों के लिए नया कदम, विभाग ने गाइडिंग के लिए दरें की तय
जयपुर: राजस्थान एक पर्यटन प्रदेश है, जहां हर साल लाखों की संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं, लेकिन उन्हें सबसे बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है फर्जी गाइड से। ये फर्जी गाइड इतिहास की भी सही जानकारी नहीं रखते और पर्यटकों से अधिक राशि भी वसूल कर लेते हैं। इसके पीछे कारण है गाइड की संख्या कम होना और पर्यटकों को पूरी जानकारी नहीं होना। इसे लेकर राज्य सरकार जल्द ही स्थानीय स्तर पर 5000 और राज्य स्तर पर 1000 गाइड को लाइसेंस जारी करने वाली है। इसके लिए लिखित परीक्षा हो चुकी है और अब चयनितों का प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा।

जानकारी के मुताबिक कम चार्ज में ही लाइसेंसी गाइड अच्छी सुविधा दे रहे हैं। पर्यटन विभाग की तरफ से राजस्थान के गाइड की गाइडिंग के लिए दरें तय की हुईं हैं। इसमें एक दिन में 725 रुपए से लेकर 2500 रुपए तक शुल्क निर्धारित किया हुआ है। शुल्क पर्यटकों की संख्या के आधार पर तय किया गया है।
राज्य स्तरीय गाइड की रेट
- 1-4 पर्यटक हुए तो एक दिन का 1150 रुपए और आधा दिन हुआ तो 850 रुपए चार्ज।
- 5-15 पर्यटक हुए तो एक दिन का 1550 रुपए और आधा दिन हुआ तो 1150 रुपए चार्ज।
- 16-35 पर्यटक हुए तो एक दिन का 2500 रुपए और आधा दिन हुआ तो 1550 रुपए चार्ज।
स्थानीय स्तर के गाइड की दरें
- 1-4 पर्यटक हुए तो एक दिन का 1000 रुपए और आधा दिन हुआ तो 725 रुपए चार्ज।
- 5-15 पर्यटक हुए तो एक दिन का 1300 रुपए और आधा दिन हुआ तो 875 रुपए चार्ज।
- 16-35 पर्यटक हुए तो एक दिन का 1600 रुपए और आधा दिन हुआ तो 1025 रुपए चार्ज।
राजस्थान में समस्या रही है कि पर्यटकों के पीछे फर्जी युवक गाइड बनकर पड़ते हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में लपके कहते हैं। पर्यटक दिखते ही ये उनके पीछे लग जाते हैं और जबरन गाइडिंग के लिए कहते हैं। ऐसे युवकों पर पुलिस कार्रवाई भी करती है। गाइड की संख्या बढ़ने पर ऐसे लपकों का जाल टूटेगा और लाइसेंसी गाइड उपलब्ध हो पाएंगे। पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि परीक्षा हो चुकी है। साथ ही राज्य सरकार से मिनिमम दरें तय हैं उन्ही के अनुसार गाइडिंग करें।












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