राजस्थानः सिकंदरा में 24 मई को गुर्जर मेला में सचिन पायलट व विजय बैंसला समेत 14 राज्यों के लोग जुटेंगे
शहीद स्मारक समित से जुड़े देशराज डोई ने बताया, यहां 23 मई शाम को रात्रि जागरण व 24 मई को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होगा। साथ ही शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा।

दौसा जिले के सिकंदरा में 24 मई को गुर्जर मेले का आयोजन किया जाएगा। गुर्जर आरक्षण आंदोलन (2008) की बरसी पर सिकंदरा-बासड़ा स्थित गुर्जर शहीद स्मारक पर आयोजित होने वाले मेले में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट व गुर्जर नेता विजय बैंसला समेत 14 राज्यों के गुर्जर नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
इसके साथ ही प्रदेशभर से भी बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोग शामिल होकर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे।
शहीद स्मारक समित से जुड़े देशराज डोई ने बताया कि यहां 23 मई शाम को रात्रि जागरण व 24 मई को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होगा। साथ ही शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा।
इस दौरान बिजनौर के आचार्य कुलदीप विद्यार्थी व महात्मा कल्याणदेव के द्वारा शहीदों की आत्मा की शांति के लिए यज्ञ भी कराया जाएगा।
उन्होंने संभावना जताई कि बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोग श्रद्धांजलि सभा के आयोजन में शामिल हो सकते हैं। समाज द्वारा इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके लिए पोस्टर का विमोचन किया गया है।
जिसके माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आयोजन में शामिल हों।
पहली बार लगेगा गुर्जर मेला
आरक्षण की मांग को लेकर हुए अलग-अलग आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में गुर्जर समाज के 76 लोग शहीद हो गए थे। उसके बाद से ही उनकी याद में प्रतिवर्ष श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जाता है।
सिकंदरा-बासड़ा में बने स्मारक पर शहीदों की मूर्तियां लगने के बाद पहली बार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसे भव्य बनाने के लिए समिति पदाधिकारी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
सिकंदरा में हुई थी 22 लोगों की मौत
2007 व 2008 में हुए गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों की भिड़ंत में सिकंदरा में 22 लोगों की पुलिस की गोली लगने से मौत हुई थी। जिसके बाद से हर वर्ष सिकंदरा में 24 मई और पाटोली-पीपलखेड़ा में 29 मई को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाता है।
समझौते की पालना पर मंथन कर सकते हैं
सूत्रों की मानें तो पूर्व में आरक्षण आंदोलन को लेकर राज्य सरकार से जो समझौते हुए हैं उसको लेकर भी गुर्जर समाज के पदाधिकारी मंथन कर सकते हैं और उसके बाद कोई निर्णय भी लिया जा सकता है।
ऐसे में बड़े स्तर पर हो रहे श्रद्धांजलि सभा के आयोजन को लेकर खुफिया महकमे के अधिकारी इनपुट जुटाने में लगे हुए हैं।












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