Rajasthan News: 'यह खैरात नहीं, आपका हक है', मुख्यमंत्री गहलोत ने पेंशन पर कहा
Rajasthan News: पेंशन सरकार द्वारा दी जाने वाली रेवड़ी नहीं, यह कोई खैरात नहीं है, यह आपका हक है. यह बात सीएम अशोक गहलोत ने आज सैंकड़ों पेंशन लाभार्थियों से संवाद के दौरान कही. सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स लाभार्थी रैली एवं पेंशन मेला कार्यक्रम के दौरान सीएम ने विभाग के स्तर पर बकाया वेरिफिकेशन कार्यों को जल्द पूरा करने के भी निर्देश दिए. इस दौरान सीएमआर में जुटे लाभार्थियाें ने सीएम अशोक गहलोत का आभार प्रकट किया।

सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स लाभार्थी रैली एवं पेंशन मेला कार्यक्रम के तहत आज मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लाभार्थी पहुंचे. लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के न्यूनतम पेंशन राशि 1 हजार रुपए करने के कदम की सराहना की. इस मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि न्यूनतम आय गारंटी बिल को कैबिनेट ने मंजूर कर दिया है. न्यूनतम मजदूरी के मामले के परीक्षण के लिए मुख्य सचिव ऊषा शर्मा को निर्देश दिए. इस दौरान जब लाभार्थियों ने पेंशन आवेदन वेरिफिकेशन लंबित होने का मामला उठाया तो सीएम गहलोत ने इस पर नाराजगी जताई.
विभाग के सचिव समित शर्मा ने 15 दिन में समाधान करने की बात कही तो सीएम ने कहा कि आप 1 माह में सभी बकाया मामलों का निस्तारण कर पेंशन शुरू करें. जवाबदेही कानून पर सीएम गहलोत ने कहा कि यूपीए सरकार ने RTI, RTE, राइट टू फूड आदि कानून शुरू किए हैं. सामाजिक सुरक्षा मेरी खुद की थीम है. इसके लिए हमने पीएम मोदी से भी इसे पूरे देश में लागू करने की मांग की है. पेंशन कोई रेवड़ी नहीं है, बल्कि यह आपका हक है. पहले ये पेंशन 30 लाख को मिलती थी, बाद में आंकड़ा 50 लाख पहुंचा और अब प्रदेश में एक करोड़ लोगों को पेंशन मिल रही है.
इससे पहले रामलीला मैदान से जुड़े लाभार्थियों ने सीएम अशोक गहलोत से अपने मांग पत्र को पूरा करने के लिए आग्रह किया. पेंशन के लिए कानून लाने की मांग की. इसके साथ ही कार्मिकों की तरह पेंशन राशि 7 तारीख तक दिए जाने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन वालों को खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल करने, पेंशनर्स के लिए जिला स्तर पर संवाद कर समस्याओं को सुने जाने, ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और शहरी गारंटी योजना में 200 दिन का रोजगार दिए जाने, न्यूनतम मजदूरी राशि बढ़ाए जाने की मांग की. कार्यक्रम में मौजूद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने पेंशन लाभार्थियों के परिवाद सुने. लाभार्थियों ने पेंशन अटकने से जुड़े अपने-अपने मामले बताए. एक पेंशनर ने कहा कि उनके जीवित होते हुए भी उन्हें मृत बता दिया गया. सभी मामलों में मंत्री ने हाथों हाथ समाधान का आश्वासन दिया.
कार्यक्रम के दौरान एमकेएसएस की अरुणा रॉय का वीडियो मैसेज चलाया गया. अरुणा रॉय ने की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए कानून बनाने की मांग की. इस मौके पर महिला मजदूरों के लिए आंदोलन चलाने वाली नौरती बाई ने जवाबदेही कानून बनाने की मांग की. मुख्य सचिव ऊषा शर्मा ने भी सम्बोधित किया।












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