हिसार एयरपोर्ट से दिल्ली एयरपोर्ट तक होगी रेल कनेक्टिविटी, सीएम मनोहर ने की विस्तारीकरण कार्य की समीक्षा
चंडीगढ़, 23 जुलाई। हिसार में महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य तेजी से जारी है। इसके साथ ही हिसार एयरपोर्ट और दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की रेल कनेक्टिविटी होगी। इस रेलमार्ग का रूट जल्द तय होगा। इस रूट पर रैपिड ट्रेन चलेगी और दिल्ली का सफर महज 90 मिनट में तय होगा। एयरपोर्ट पर इंटीग्रेटिड एविएशन हब के कार्यों में तेजी लाई जाएगी। हिसार एयरपोर्ट से 2023 में नियमित विमान सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज हिसार एयरपोर्ट के विस्तारीकरण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हिसार के महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट में विकसित किए जाने वाले 'इंटीग्रेटिड एविएशन हब' से संबंधित कार्यों में तेजी लाई जाए। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रोजेक्ट है। इसका निर्धारित समय अवधि में पूरा होना जरूरी है, क्योंकि इससे प्रदेश में विकास को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एक बैठक में महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट में विकसित किए जा रहे 'इंटीग्रेटिड एविएशन हब' से संबंधित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी मौजूद थे। मनोहर लाल ने अधिकारियों से कहा कि हिसार एयरपोर्ट को विकसित करने में देरी न की जाए और इसके लिए धन को जारी करने में ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने एयरपोर्ट की बाउंड्री के निर्माण कार्य व लाइटें लगाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिया। उन्होंंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि वर्ष 2023 में इस एयरपोर्ट से विमान सेवा नियमित रूप से आरंभ कर दी जाए। इसके लिए समय पर सारे काम पूरे करने जरूरी होंगे।
मनोहर लाल ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से हिसार के महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट तक रेल कनेक्टिविटी के लिए रूट को जल्दी फाइनल करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके अलावा विमान सेवा के लिए हिसार से विभिन्न रूट तय किए जाएंगे। इन पर भी अधिकारियों को तेजी से काम करने के लिए कहा गया है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि इस एयरपोर्ट के लिए जलापूर्ति, ड्रेनेज सिस्टम तथा रा-वाटर के स्टोरेज के लिए किए जा रहे कार्यों को जल्दी पूरा किया जाए।
बैठक में बताया गया कि पर्यावरण एवं वन विभाग द्वारा इंटीग्रेटिड एविएशन हब के दूसरे चरण के विकास कार्यों के लिए 23 नवंबर 2020 को क्लीयरेंस मिल गया था। इसके बाद एयरक्राफ्ट पार्किंग के लिए तीन बड़े हैंगर का निर्माण 18 अगस्त 2021 को पूरा हो चुका है।
इसके साथ ही निर्माण स्थल से पुरानी बिल्डिंग्स को तोड़ दिया गया है और वाटर-चैनल्स को शिफ्ट कर दिया गया है। 7,115 एकड़ जमीन का म्युटेशन भी नागरिक उड्डयन विभाग के नाम हो चुका है। रनवे, पीटीटी, टैक्सी-वे और एप्रोन का 80 प्रतिशत तथा 33 केवी सब-स्टेशन का निर्माण का काम 70 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है।












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