गोरू मुड्डा योजना के तहत आंध्र प्रदेश में स्कूली बच्चों को दिया जाएगा 'रागी जवा'
राज्य के शिक्षा मंत्री बोत्चा सत्यनारायण के अनुसार रागी जवा पर प्रतिवर्ष 86 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। आवश्यक रागी आटा और गुड़ की आपूर्ति श्री सत्य साईं ट्रस्ट द्वारा की जाएगी और इसके लिए प्रति वर्ष लागत 42 करोड़ रुपये

आंध्र प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 2 मार्च से लागू की जा रही मध्याह्न भोजन योजना 'गोरू मुड्डा' में एक और पौष्टिक व्यंजन 'रागी जवा' (फिंगर बाजरा माल्ट) शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की उपस्थिति में श्री सत्य साई सेंट्रल ट्रस्ट और स्कूल शिक्षा विभाग के बीच गोरू मुड्डा के नए अतिरिक्त के कार्यान्वयन के लिए तीन साल के एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
राज्य के शिक्षा मंत्री बोत्चा सत्यनारायण के अनुसार रागी जवा पर प्रतिवर्ष 86 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। आवश्यक रागी आटा और गुड़ की आपूर्ति श्री सत्य साईं ट्रस्ट द्वारा की जाएगी और इसके लिए प्रति वर्ष लागत 42 करोड़ रुपये होगी। ये समझौता ज्ञापन तीन साल के लिए है। इस अवसर पर बोलते हुए, श्री सत्य साईं सेंट्रल ट्रस्ट के प्रबंध ट्रस्टी रत्नाकर ने कहा कि श्री सत्य साईं बाबा के आशीर्वाद और प्रेरणा से ट्रस्ट विभिन्न सेवा गतिविधियों में शामिल रहा है।
उन्होंने कहा, 'जब शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने 'रागी जवा' अवधारणा के बारे में बताया। हमने सोचा कि यह एक अच्छा कार्यक्रम है और इसमें शामिल होने और इसके कार्यान्वयन के लिए सरकार के साथ भागीदार बनने का फैसला किया।' वहीं मुख्यमंत्री जगन मोहन ने जगन्ना गोरू मुड्डा को एक अच्छा कार्यक्रम बताया और कार्यक्रम को लागू करने में सहभागी बनने के लिए श्री सत्य साई सेंट्रल ट्रस्ट को धन्यवाद दिया। उन्होंने इसके कार्यान्वयन के लिए सरकार के साथ भागीदारी करने वाले अन्य लोगों को भी धन्यवाद दिया।












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