पराली जलाने पर सख्त पंजाब सरकार, जुर्माने के साथ राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री करने का निर्देश
चंडीगढ़: पंजाब सरकार इस बार पराली प्रबंधन पर काफी सख्त है। सरकार ने पराली जलाने पर जुर्माने के साथ किसानों के राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री करने का निर्देश प्रशासन को दिया है। इससे किसान कई सुविधाओं से वंचित रह सकते हैं, जिसमें कृषि विभाग की ओर से विभिन्न उपकरणों पर मिलने वाली सब्सिडी सहित जमीन पर लिए जाने वाला लोन शामिल है।

कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने इसको लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने जल, मिट्टी और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए पराली जलाने के खिलाफ एक तरह के युद्ध की घोषणा की है। पराली से पड़ोसी राज्यों में होने वाले प्रदूषण के चलते सूबे को बदनामी झेलनी पड़ती है।
दिल्ली की आप सरकार भी पराली के प्रबंधन में सहयोग कर रही है। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने भी इस मामले में एफआईआर किए जाने का प्रावधान रखा था। इसके तहत उल्लंघन करने वाले कई किसानों पर कार्रवाई हुई लेकिन आप सरकार ने इसमें और सख्ती बरती है।
हर साल 20 मिलियन टन पराली की पैदावार
पंजाब में हर वष करीब 75 लाख एकड़ में धान की खेती की जाती है। वहीं, करीब 20 मिलियन टन पराली पैदा होती है। खेत को जल्द खाली करने की जल्दी में किसान इसे जला देते हैं, जिससे प्रदूषण की बड़ी समस्या पैदा हो रही है। पराली के प्रबंधन के लिए सरकार ने किसानों को 56,000 आधुनिक कृषि मशीनें वितरित करने का फैसला लिया है। इनमें सुपर सीडर, हैपी सीडर और जीरो ड्रिल जैसी मशीनें शामिल हैं।












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