पंजाब: तरनतारन के चर्च में बेअदबी मामले पर मान सरकार ने की कार्रवाई, धर्म-स्थलों की सुरक्षा की समीक्षा
तरनतारन। पंजाब में तरनतारन जिले के पट्टी स्थित गांव ठक्करपुरा के गिरजाघर (चर्च) कुछ अज्ञात लोगों ने तोड़फोड़ कर दी थी। वहां से बेअदबी की भी शिकायत पुलिस को मिली। जिसके बाद पंजाब सरकार ने 3 सदस्यीय एसआईटी (स्पशल जांच टीम) का गठन कराया है। यह एसआईटी आई.जी.पी. फिरोजपुर के नेतृत्व में जांच करेगी। इस एसआईटी में तरनतारन के एस.एस.पी. और एस.पी को भी शामिल किया गया है। जो पूरी घटना की जांच करेंगे और पूरी रिपोर्ट पंजाब सरकार को सौंपेंगे। पुलिस ने इस बेअदबी संबंधी 295 ए के तहत केस दर्ज किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरएस ढिल्लों के अनुसार इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घटना जिले के ठक्करपुरा गांव की है।
आज अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) लॉ एंड ऑर्डर, अर्पित शुक्ला ने मामले के बारे में कहा, "तरनतारन में एक चर्च में बेअदबी की शिकायत के मद्देनजर, पुलिसकर्मियों को राज्य भर के धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। हमारी टीमें इस संबंध में काम कर रही हैं।"

मीडिया में यह खबर आई थी कि, पट्टी शहर के पास गांव ठक्करपुरा स्थित चर्च के अंदर बुधवार की रात 4 अज्ञात लोगों ने चौकीदार को बंदी बना लिया और चर्च में मूर्तियों को तोड़ दिया है। पुलिस अधिकारी सतनाम सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि बीती रात करीब 12:45 बजे अज्ञात व्यक्ति दीवार पर चढ़कर चर्च में दाखिल हुए और उन्होंने चर्च के चौकीदार जगतार सिंह को बंदूक की नोक पर बंदी बना लिया और प्रभु यीशु मसीह और मदर मैरी की मूर्तियों को तोड़ा गया और चर्च के प्रशासक की कार में आग लगा दी गई। उन्होंने बताया कि चर्च के चौकीदार के बयान के आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

हाईकोर्ट पहुंचा मामला
चर्च पर हुए हमले संबंधी और यीशू मसीह और मदर मैरी की मूर्तियों को तोड़े जाने को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर पंजाब के सभी चर्चों और ईसाई समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। उक्त याचिका नेशनल क्रिश्चियन लीग के अध्यक्ष जगदीश मसीह और चंडीगढ़ के सुखजिंदर गिल ने दायर की है, जिस पर जल्द सुनवाई होगी। याचिका में कहा गया है कि पंजाब में ईसाई समुदाय को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और चर्च में हुई घटना के बाद अब समुदाय पंजाब में असुरक्षित महसूस कर रहा है। उक्त घटना पंजाब में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अगर पुलिस ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो पंजाब में सांप्रदायिक दंगे की स्थिति बन जाएगी। याचिका में पंजाब सरकार, मुख्य सचिव और डी.जी.पी. को पार्टी बना दिया गया है।












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