मान सरकार को सफलता, पंजाब गुड्स एंड सर्विस टैक्स संशोधन बिल और पंजाब विलेज कामन लैंड रेगुलेशन बिल बिना बहस पास
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा सत्र के तीसरे दिन मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने कई बिलों को आसानी से पारित कर दिया। पंजाब गुड्स एंड सर्विस टैक्स संशोधन बिल और पंजाब विलेज कामन लैंड रेगुलेशन बिल बिना बहस पास हो गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पेश विजिलेंस कमीशन रीपील बिल 2022 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। शिअद विधायक सदन से उठकर चले गए। वहीं, स्पीकर कुलतार सिंह संधवा आज विपक्ष के विधायकों पर जमकर बरसे।

सत्र के दौरान सदन में सुखपाल सिंह खैहराद्वारा बार-बार बोलने को लेकर कहा कि वह चेयर को डिक्टेट नहीं कर सकते। सत्ता पक्ष के विधायक देव मान द्वारा प्रताप सिंह बाजवा पर तीखी टिप्पणी का स्पीकर ने नोटिस लिया। कहा कि कोई भी विधायक किसी विधायक की शान में कोई गुस्ताखी नहीं करेगा। वह देव मान की टिप्पणी का नोटिस लेते हैं।
सरारी मामले पर कल हुआ हंगामा
गत दिवस फौजा सिंह सरारी की बर्खास्तगी की मांग को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। यही नहीं जहां स्पीकर ने कांग्रेस के विधायकों को फटकार लगाई वहीं सत्ता पक्ष ने भी स्पीकर के खिलाफ भद्दी शब्दावली में नारेबाजी की। मुख्यमंत्री की गैर हाजिरी में ऐसा होता देख सत्तारूढ़ दल के मंत्रियों ने भी कमान संभाली और कांग्रेस को उनकी पूर्व सरकार की कारगुजारी को लेकर कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। यही नहीं, स्पीकर के अलावा डिप्टी स्पीकर और मंत्रियों ने भी एससी जाति के बच्चों की स्कालरशिप बंद होने के कारण शैक्षिक संस्थानों की ओर से उनके सर्टिफिकेट रोकने को लेकर आए प्रस्ताव पर घेरने की कोशिश की लेकिन कांग्रेसी विधायक लगातार नारेबाजी करते रहे।
संसदीय कार्य मंत्री इन्द्रबीर सिंह निज्जर ने नारेबाजी कर रहे कांग्रेसी विधायक अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और बिक्रम चौधरी को सदन से निकालने का प्रस्ताव भी पेश किया, लेकिन स्पीकर ने फिलहाल उस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
मामला उस समय शुरू हुआ जब सदन शुरू होते ही शून्य काल के दौरान विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कैबिनेट मंत्री फौजा सिंह सरारी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की। कांग्रेसी विधायक विरोध स्वरूप फरारी की बर्खास्ती के लिखे नारे वाले चोले पहनकर आए थे।












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