पंजाब में करोड़ों के चिट फंड-घोटाले की जांच करेगा अब BOI, CM मान दे दिए आदेश

चंडीगढ़। पंजाब के लोगों के साथ पर्ल ग्रुप द्वारा किए गए करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच पंजाब पुलिस के ब्यूरो आफ इंवेस्टिगेशन (BOI) की ओर से की जाएगी। बीओआइ के अधिकारियों की ओर से पर्ल ग्रुप के सभी निवेशकों मामले को कानूनी तरीके से भी देखा जाएगा, क्योंकि मामले की जांच पहले ही सीबीआइ की ओर से की जा रही है।

Punjab: CM Bhagwant Mann orders to BOI will investigate crores of scam in Punjab

बता दें, इसी माह मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चिट फंड कंपनी पर्ल की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए थे। मान ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। ट्वीट कर मान ने कहा था कि पंजाब के लोगों के खून पसीने की कमाई को लूटकर अरबों की चल अंचल संपत्ति बनाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य के कई जिलों के निवेशकों का आठ से दस हजार करोड़ रुपये डूबा हुआ है।

पर्ल ग्रुप के निवेशकों के लिए लड़ाई लड़ रहे इंसाफ दि आवाज के अध्यक्ष महिंदर पाल सिंह दानागढ़ ने कहा कि सरकार की ओर से जांच की बात कही गई है। जांच तो आठ साल से चल रही है। निवेशकों के पैसे कैसे वापस करवाए जाएं सरकार इस पर एक्शन ले।

Punjab: CM Bhagwant Mann orders to BOI will investigate crores of scam in Punjab

दानागढ़ ने बताया कि पर्ल ग्रुप की ऐसी कई संपत्तियां है जो रिकार्ड में नहीं है। जिनको रिकार्ड पर लाए जाने की जरूरत है। पर्ल ग्रुप की 1465 संपत्तियां रिकार्ड पर जिन की जानकारी लोढा कमेटी के पास है। निवेशकों की राशि वापस करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित लोढा कमेटी के पास है।
दानागढ़ ने बताया कि पर्ल ग्रुप की देशभर में कई संपत्तियों को बेचकर 1.97 करोड़ रुपये की राशि कमेटी के पास जमा है, लेकिन पंजाब में कई प्रापर्टियां ऐसी हैं जिनको कमेटी को बिना बेचा जा रहा है या बिक गई है। इस पर शिकंजा कसने की जरूरत है।

लोढ़ा कमेटी की ओर से निवेशकों को 31 अगस्त तक सबूत पेश करने का मौका दिया गया है। इससे पहले यह मौका 30 जून 2022 तक था, जिसे बाद में बढ़ा दिया गया था। ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि पर्ल ग्रुप की कई संपत्तियां हैं। राज्य सरकार इन संपत्तियों का ब्यौरा एकत्रित करने में मुस्तैदी दिखा रही है। लोढ़ा कमेटी के समक्ष यह बात रख सकती है, ताकि संपत्तियों को बेचकर जो राशि मिले उसे निवेशकों को लौटाया जा सके। ध्यान रहे कि पर्ल ग्रुप घोटाले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) पहले से जांच कर रही है। 60,000 करोड़ रुपये के पर्ल पौंजी घोटाले मामले में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह घोटाला पंजाब के अलग अलग जिलों में अलावा ट्राईसिटी (चंडीगढ़, मोहाली व पंचकूला) के लोगों के साथ हुआ था।

सीबीआइ ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पर्ल ग्रुप के खिलाफ प्रारंभिक रिपोर्ट दर्ज की थी। पर्ल ग्रुप ने गैरकानूनी रूप से संचालित विभिन्न निवेश योजनाओं द्वारा देशभर के करीब पांच करोड़ निवेशकों से 60,000 करोड़ के आसपास जमा किए।

निवेशकों को धोखा देने के बाद सामने आया कि इसके लिए सरकार से कोई वैधानिक मंजूरी नहीं ली गई थी। सीबीआइ ने देशभर में मौजूदा बाजार भाव में 1.85 लाख करोड़ रुपये की पर्ल समूह के चेयरमैन एवं मुख्य प्रबंध निदेशक (सीएमडी) निर्मल सिंह भंगू की संपत्तियों की पहचान की थी।

आरोपित ने आस्ट्रेलियाई कंपनियों में भी निवेश किया था। आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ब्रेट ली पर्ल ग्रुप के ब्रांड एंबेस्डर थे और आइपीएल टीम किग्स इलेवन पंजाब को भी पर्ल ग्रुप द्वारा प्रायोजित किया गया था।

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