सीएम मान ने रखा सारागढ़ी जंग की स्मारक का नींव पत्थर, निर्माण कार्य 6 महीनों में पूरा करने का ऐलान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फिरोजपुर में सारागढ़ी की ऐतिहासिक जंग के दौरान शहादत प्राप्त करने वाले 21 सिख शूरवीरों की याद में बनने वाली स्मारक का निर्माण कार्य छह महीनों में पूरा करने का ऐलान किया। मंगलवार को सारागढ़ी जंग की स्मारक का नींव पत्थर रखने के बाद सीएम मान ने कहा कि इस स्मारक के निर्माण के लिए फंडों की कोई कमी नहीं आने दी जायेगी।
सीएम ने कहा कि इस स्मारक का काम हर हाल में छह महीनों में पूरा कर लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सारागढ़ी जंग के दौरान सैनिकों की शौर्यगाथा और बलिदान हमारी आने वाली पीढियों को देश की निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। देश की प्रभुसत्ता की रक्षा के दौरान दुश्मन के साथ टक्कर लेते हुए शहादत प्राप्त करने वाले 21 बहादुर सैनिकों के बेमिसाल बलिदान को याद करते हुए सीएम ने कहा कि यह घटना शूरवीरता की बेमिसाल गाथा है, जिसका इतिहास में कोई भी सानी नहीं है।

सीएम मान ने कहा कि वह इन शहीदों के महान बलिदान के आगे सजदा करते हैं, जिन्होंने दुश्मन के आगे घुटने टेकने की बजाय मरने को प्राथमिकता दी। कहा कि 36 सिख के सैनिकों की बेमिसाल गाथा समाना रिज्ज (अब पाकिस्तान) में घटी है, जिन्होंने 12 सितम्बर, 1897 को 10,000 अफगानियों के हमले के खि़लाफ़ लड़ाई लड़ते हुए बलिदान दे दिया था।
कहा कि सारागढ़ी की जंग भारतीय फ़ौज के इतिहास में मिसाल बनी रहेगी और यह भी याद करवाती रहेगी कि जब भी पंजाबियों को पीछे धकेलने की कोशिश हुई तो उस समय पर वह अपने सामथ्र्य से अधिक ताकतवार होकर खड़े हो सकते हैं। जंग के दौरान दिखाए गए साहस के प्रचार की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए सीएम मान ने कहा कि राज्य सरकार फ़ौज के इतिहास में आखिरी सांस तक मर मिटने की महान विरासत को नौजवानों में प्रेरणा के प्रतीक के तौर पर उभारने के लिए वचनबद्ध है।
भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सारागढ़ी जंग की शौर्यगाथा सिख सैनिकों के जज्बे और दृढ़ निश्चय की मिसाल पेश करती है, जिन्होंने दुश्मन का सामना करते हुए शहादत प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मुल्क इन बहादुर सैनिकों के बेमिसाल बलिदान का सदा ऋणी रहेगा। सीएम ने कहा कि वह जंग की स्मारक के काम की निजी तौर पर निगरानी करेंगे, जिससे इसको छह महीनों में मुकम्मल किये जाने को सुनिश्चित बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि इस नेक कार्य में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी अनुचित होगी। कहा कि इस स्मारक के निर्माण के अवसर पर मापदण्डों के पैमानों की पूरी पालना की जायेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि निर्माण के दौरान किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जायेगा और ऐसी हरकत की कोशिश करने वालों के खि़लाफ़ सख़्त कार्यवाही की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने पंजाब के इतिहास में बेहद महत्व रखते इस स्थान को अनदेखा करने के लिए पिछली सरकारों की सख़्त निंदा की। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने यह स्मारक बनाने का ऐलान किया था और साल 2019 में एक करोड़ रुपए जारी किए थे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कितने दुख की बात है कि इस स्मारक का काम कभी भी शुरू नहीं हुआ, क्योंकि इसके लिए 25 लाख रुपए की और ज़रुरत थी जो जारी नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि इससे शहीदों के प्रति पिछली सरकार के व्यवहार का पता लगता है।
मुख्यमंत्री ने फिरोजपुर जिले को राज्य में पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करने के लिए ठोस प्रयास करने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सारागढ़ी स्मारक और हुसैनीवाला, जहां शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव और शहीद राजगुरू ने शहीदी प्राप्त की थी, इस जिले में आते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हुसैनीवाला सरहद के साथ लगते ऐतिहासिक महत्ता वाली इन स्थानों को दुनिया भर के सैलानियों को दिखाया जायेगा।
सीएम ने कहा कि पंजाब के शहीदों की कोई गिनती नहीं की जा सकती, क्योंकि पंजाब के हरेक गांव की धरती का संबंध इन शूरवीरों के साथ है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र धरती पर महान गुरूओं, संतों, पीरों- पैगंबरों, कवियों और शहीदों का जन्म हुआ। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबियों को अपनी सख़्त मेहनत और मेहनती भावना के लिए जाना जाता है, जिसके स्वरूप उन्होंने दुनिया भर में अपनी विशेष जगह बनाई है।












Click it and Unblock the Notifications