पंजाब बजट अभिभाषणः राज्यपाल ने 'मेरी सरकार' के बजाय 'सरकार' कहा, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जताई आपत्ति
राज्यपाल ने अभिभाषण के दौरान जब प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर भेजने को सरकार की उपलब्धि बताया तो इस पर नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा खड़े हो गए।

पंजाब विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। अभिभाषण के दौरान भी राज्यपाल व सरकार के बीच के विवाद की झलक देखी गई। राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने कहा कि वह 'मेरी सरकार' के बजाय सिर्फ 'सरकार' शब्द का संबोधन करेंगे। इस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आपत्ति जताई। मान ने कहा कि आपने सत्र बुलाया है, आपको मेरी सरकार कहना चाहिए। इस पर राज्यपाल ने कहा कि वह पहली बार राज्यपाल नही बने हैं। वह असम, तमिलनाडु के भी राज्यपाल रह चुके हैं।
प्रिंसिपल सिंगापुर प्रशिक्षण
राज्यपाल ने अभिभाषण के दौरान जब प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर भेजने को सरकार की उपलब्धि बताया तो इस पर नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा खड़े हो गए। बाजवा ने कहा कि राज्यपाल सिंगापुर भेजे गए प्रिंसिपलों के चयन पर सवाल उठा चुके हैं। राज्यपाल ने सरकार से इस बारे में जवाब मांगा था, लेकिन मुख्यमंत्री ने अभी तक नहीं दिया, उल्टा एक और प्रिंसिपलों का दल सिंगापुर भेज दिया है। इस मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा हुआ, लेकिन राज्यपाल अभिभाषण पढ़ते रहे। इसके बाद विपक्ष सदन से वाकआउट कर गया। पहली बार ऐसा हुआ कि राज्यपाल ने वाकआउट कर रहे विपक्ष को रोकने का प्रयास किया।
सदन में अभद्र भाषा का प्रयोग न करें
अभिभाषण खत्म करने बाद राज्यपाल ने सरकार और विपक्ष के विधायकों को सलाह दी कि सदन में किसी भी तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग न करें और सार्थक बहस में भाग लें। उन्होंने कहा कि अपशब्द और असंसदीय भाषा का प्रयोग करने से सभी को बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सलाह वह एक वरिष्ठ पार्लियामेंटेरियन और चार बार के राज्यपाल रहने के कारण दे रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि 'आप सभी लोग एक-दूसरे की इज्जत करें और पंजाब को एक आइडियल स्टेट और आइडियल विधानसभा बनाएं।
वाकआउट के बाद पत्रकारों से बातचीत
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विधायक उनकी इस सलाह पर काम करेंगे। वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह के उद्घोष के साथ अपना भाषण, समाप्त करते हुए राज्यपाल ने आज अपने अभिभाषण के दौरान कई नई परंपराओं की शुरुआत की। आमतौर पर जब भी राज्यपाल अपना अभिभाषण पढ़ते हैं तो विपक्ष शोरशराबा करता है, लेकिन कभी कोई राज्यपाल उसे समझाने की कोशिश नहीं करता।
इसके विपरीत बनवारीलाल पुरोहित ने आज दोनों ओर के सदस्यों को न केवल समझाया बल्कि यह भी कहा कि वह आराम से बैठकर उनका अभिभाषण सुनें और जिसको किसी भी बात पर कोई ऐतराज है तो वह इस पर होने वाली बहस में खुलकर भाग ले और बोले।
वहीं, वाकआउट के बाद पत्रकारों से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान जब राज्यपाल को अपना नहीं मानते हैं तो फिर उनसे सदन में झूठ का पुलिंदा क्यों पेश करवा रहे हैं। बाजवा ने कहा कि राजपाल ने भाषण में तीन-चार बार पानी पीकर यह संकेत दे दिए की सरकार की जो उपलब्धियां वह गिना रहे हैं वह झूठ है।












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