पंजाब: 2023-24 के लिए सालाना वित्तीय स्टेटमेंट पेश करने को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व अधीन पंजाब कैबिनेट ने साल 2023-24 के लिए पंजाब सरकार की सालाना वित्तीय स्टेटमैंट (बजट अनुमान) को विधान सभा के आगामी सत्र के दौरान पंजाब विधान सभा में पेश करने की मंजूरी दे दी।

Punjab Government

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व अधीन पंजाब कैबिनेट ने साल 2023-24 के लिए पंजाब सरकार की सालाना वित्तीय स्टेटमैंट (बजट अनुमान) को विधान सभा के आगामी सत्र के दौरान पंजाब विधान सभा में पेश करने की मंजूरी दे दी। इस सम्बन्धी फैसला आज यहां पंजाब सिविल सचिवालय-1 में मुख्यमंत्री के नेतृत्व अधीन मंत्री मंडल की हुई बैठक के दौरान लिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय संविधान की धारा 202 और 204 की क्लॉज (1) में शामिल उपबंधों के अनुसार पंजाब के राज्यपाल की सिफ़ारिश के बाद साल 2023-24 के लिए पंजाब सरकार की सालाना वित्तीय स्टेटमैंट (बजट अनुमान) पंजाब विधान सभा में पेश की जानी ज़रूरी है, जिसके लिए मंत्री मंडल ने इसको आगामी विधान सभा सत्र में पेश करने का फ़ैसला लिया है।

भारत के संविधान की धारा 203 की उप धारा (3) के उपबंधों के अनुसार कैबिनेट ने पंजाब के राज्यपाल की सिफ़ारिशों के बाद पंजाब सरकार के साल 2022-23 के खर्चे के लिए ग्रांटों के लिए अनुपूरक माँगें पंजाब विधान सभा में पेश करने की मंज़ूरी दे दी। मंत्री मंडल ने 2015-16 से साल 2018-19 तक के अधिक खर्चों को नियमित करवाने के लिए विधान सभा में पेश करने की मंज़ूरी दे दी है।

संविधान की धारा 205 की उप धारा (1) (बी) और (2) के अधीन यदि किसी वित्तीय वर्ष के दौरान किसी भी सेवा पर कोई रकम जो उस साल सम्बन्धित सेवा के लिए निर्धारित अनुदान से अधिक ख़र्च की हो, को ऐसी अतिरिक्त रकम को विधान सभा में पेश करना होगा और इसके लिए उस तरह कार्यवाही की जाए, जैसे कि यह किसी अनुदान के लिए एक माँग हो। अतिरिक्त अनुदान की माँग पिछले सालों के दौरान दिए गए अनुदान से अधिक किए गए खर्चों को नियमित करवाने के लिए पेश की जाती है।

अतिरिक्त अनुदान की माँग विधान सभा के सामने पूरे साल के खर्चों का ऑडिट होने के उपरांत और भारत सरकार के कम्पट्रोलर और ऑडिटर जनरल के अधिकारियों द्वारा विनियोजन लेखों को संकलित करने और लोक लेखा समिति द्वारा विचारने के उपरांत ही पेश की जा सकती है। मंत्री मंडल ने भारत के संविधान की धारा 151 की उप धारा (2) के उपबंधों के अनुसार भारत सरकार के कम्पट्रोलर और ऑडिटर जनरल की ऑडिट रिपोर्टों और भारत के लेखा निरीक्षक और महा लेखा परीक्षक की रिपोर्ट को राज्यपाल की सिफारिश के उपरांत पंजाब विधान सभा के आगामी सत्र में सदन में पेश करने की मंज़ूरी दे दी है।

इन रिपोर्टों में पंजाब में महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजग़ार गारंटी स्कीम के लागूकरण एवं कारगुज़ारी लेखा परीक्षा (साल 2023 की रिपोर्ट नं-1), भारत के लेखा निरीक्षक और महा लेखा परीक्षक की राज्य के वित्तीय मामलों पर लेखा परीक्षा रिपोर्ट 31 मार्च, 2022 को समाप्त हुए साल के लिए (साल 2023 की रिपोर्ट नं-2), भारत के लेखा निरीक्षक और महा लेखा परीक्षक की पालन लेखा परीक्षा पर रिपोर्ट, 31 मार्च, 2021 को समाप्त हुए साल के लिए (साल 2022 की रिपोर्ट नंबर नं-3) और साल 2021-22 के वित्तीय लेखे और विनियोजन लेखे शामिल हैं।

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