यूपी के नेता धर्म और जाति का सहारा लेना चाहते हैं, प्रदर्शन पर नहीं रखते ध्यान- प्रियंका गांधी
लखनऊ, फरवरी 24। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाति और धर्म पर ज्यादा जोर होने से राजनेता बेफिक्र हो गए हैं और वे असल मुद्दों को दरकिनार कर रहे हैं। प्रियंका ने माना कि यूपी में पिछले कुछ दशकों में कांग्रेस संगठन कमजोर हुआ है, लेकिन पार्टी ने इसे दोबारा खड़ा करने और जनता के साथ फिर से जुड़ने के लिए कड़ी मेहनत की है।

1989 से उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाति और धर्म के वर्चस्व से जुड़े एक सवाल पर प्रियंका ने भाषा से कहा, यह सही है कि यूपी की राजनीति जाति और धर्म पर केंद्रित हो गई है, लेकिन हकीकत यह है कि इस तरह की राजनीति ने राज्य के विकास में कोई योगदान नहीं दिया है। इसने न केवल राज्य को पीछे धकेला है, बल्कि राजनीतिक वर्ग को बेफिक्र भी बनाया है।
कांग्रेस महासचिव ने कहा, "यूपी का औसत राजनेता मानता है कि उसे वैसे भी धर्म और जाति के आधार पर वोट मिल जाएंगे, ऐसे में उसे दूसरे मोर्चों पर प्रदर्शन करने की जरूरत ही क्या है? वह जनता से जुड़े असल मुद्दों को आसानी से दरकिनार कर सकता है। यह लोकतंत्र में विकसित हो रही बहुत ही अस्वस्थ प्रवृत्ति है।"
प्रियंका ने कहा, इसका यह मतलब है कि विकास, सुशासन और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दे पीछे छूट जाते हैं, क्योंकि जाति और धर्म से जुड़ी भावनाएं राजनीति पर हावी हैं। उन्होंने कहा, "कांग्रेस अकेली पार्टी है, जिसने महिलाओं, युवाओं और यूपी के सामाजिक और राजनीतिक उत्थान से जुड़े हर पहलू के लिए एक सुनियोजित योजना तैयार की है और इसे अपने घोषणापत्र में पेश किया है। हमारा मानना है कि राजनेताओं को शासन और विकास के प्रति जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और हम इस संदेश को पूरे राज्य में फैला रहे हैं।"
यह पूछे जाने पर कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का कैडर कितना मजबूत है, क्योंकि पार्टी पिछले 33 वर्षों से राज्य की सत्ता में नहीं है, प्रियंका ने कहा, "पिछले कुछ दशकों में यूपी में हमारा संगठन लगातार कमजोर होता गया। गठबंधनों के कारण पिछले कई चुनावों में हमने 200 से 300 सीटों पर प्रत्याशी भी नहीं उतारे।" उन्होंने कहा, "जब मैं पहली बार यहां आई थी तो मैंने देखा कि हमारा कैडर लगभग पूरी तरह से खत्म हो चुका था। हालांकि, कुछ पुराने कांग्रेसी और महिलाएं इसके बावजूद मजबूती से खड़े थे।" प्रियंका ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में 400 सीटों पर उम्मीदवार उतारने से नया नेतृत्व खड़ा होगा और कांग्रेस भी मजबूत बनेगी।












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