Parliament Session: उद्धव गुट को झटका, स्पीकर ने 6 बागी सांसदों के विलय को दी मंजूरी, ममता बनर्जी को भी झटका
Lok Sabha Speaker Approves Shiv Sena UBT MPs merger: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों के शिवसेना (शिंदे) गुट में विलय को मंजूरी दे दी है। इस फैसले को उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए 20 सांसदों को भी लोकसभा में अलग बैठने की मंजूरी मिल गई है।
इससे संसद में दोनों दलों के संसदीय समीकरण बदल गए हैं। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी फ्लोर लीडर्स को 19 जुलाई की अहम बैठक में शामिल होने का न्योता भी भेजा है।

उद्धव ठाकरे गुट को लगा बड़ा झटका
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों के शिवसेना (शिंदे) गुट में विलय को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद लोकसभा में शिंदे गुट की स्थिति और मजबूत हो गई है। लंबे समय से दोनों गुटों के बीच सांसदों की मान्यता और संसदीय पहचान को लेकर विवाद चल रहा था। स्पीकर के फैसले से अब सदन में शिंदे गुट को आधिकारिक तौर पर इसका फायदा मिलेगा।
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TMC छोड़ने वाले 20 सांसदों को मिली अलग पहचान
लोकसभा स्पीकर ने TMC से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए 20 सांसदों के लिए भी अलग बैठने की व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। इससे इन सांसदों की संसद में अलग पहचान तय हो गई है। अब वे सदन में NCPI के बैनर के तहत बैठेंगे। इस फैसले को पश्चिम बंगाल की राजनीति और संसद दोनों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
ममता बनर्जी के लिए क्यों बढ़ी चुनौती?
TMC के 20 सांसदों के अलग होने और उन्हें लोकसभा में अलग पहचान मिलने से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संसद में पार्टी की संख्या और प्रभाव पर इसका असर पड़ सकता है। विपक्ष की रणनीति में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी असर डाल सकता है।
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किरेन रिजिजू ने फ्लोर लीडर्स को भेजा न्योता
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स को 19 जुलाई की बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने TMC से अलग हुए सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और NCPI की चीफ व्हिप डॉ. काकोली घोष दस्तीदार को भी पत्र भेजा है। बैठक में संसद के मॉनसून सत्र से जुड़े अहम मुद्दों और विधायी कामकाज पर चर्चा की जाएगी।
मॉनसून सत्र से पहले सरकार ने मांगा सहयोग
19 जुलाई को संसद भवन एनेक्सी में होने वाली फ्लोर लीडर्स की बैठक में मॉनसून सत्र को सुचारू रूप से चलाने पर चर्चा होगी। सरकार चाहती है कि सभी दल सदन की कार्यवाही में सहयोग करें ताकि जरूरी विधेयकों और अहम मुद्दों पर बिना रुकावट चर्चा हो सके। बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच बेहतर तालमेल बनाने और पूरे सत्र की रणनीति पर भी बातचीत होने की संभावना है।












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