जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री कराने वाले ध्यान दें, CM मान ने स्टांप ड्यूटी और फीस में छूट 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया
जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री कराने वाले ध्यान दें। CM मान ने स्टांप ड्यूटी और फीस में छूट 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की जनहितैषी नीतियों के कारण प्रदेश में मार्च माह में जमीन व जायदाद की रजिस्ट्री से रिकार्ड आय दर्ज की गई है। मार्च 2022 के मुकाबले मार्च 2023 के आय में रिकॉर्ड 78 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। राजस्व मंत्री ब्रह्म शंकर जिंपा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा 1 मार्च से 31 मार्च 2023 तक स्टांप ड्यूटी एवं फीस में कुल 2.25 प्रतिशत की कटौती की गई थी। मुख्यमंत्री के इस फैसले से प्रदेश भर के लोगों ने जमीन और जायदाद की रजिस्ट्री कराने में काफी दिलचस्पी दिखाई।
जिम्पा ने कहा कि मार्च महीने में पंजाब सरकार के खजाने में जमीन और जायदाद की रजिस्ट्रियों से 658.69 करोड़ रुपए आए हैं, जबकि मार्च 2022 में यह आय 369.61 करोड़ रुपए थी। पिछले वर्ष की तुलना में यह आय 78 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2022 से फरवरी 2023 तक 11 महीनों के दौरान औसतन 308 करोड़ रुपए प्रति माह की आय सरकारी खजाने में आ रही है, जबकि सिर्फ एक महीने में यानी मार्च 2023 में यह आय दोगुनी से भी अधिक हो गई है।
राजस्व मंत्री ने कहा कि अप्रैल 2023 के दौरान भी पंजाब के खजाने में पिछले महीनों की तुलना में अधिक आय आने की संभावना है क्योंकि स्टांप ड्यूटी और फीस में 2.25 प्रतिशत की छूट को 30 अप्रैल, 2023 तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में फसल कटने के बाद जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री में रूचि दिखाई जाती है। राज्य के किसान मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा स्टांप ड्यूटी और स्टांप फीस की छूट संबंधी लिए गए फैसले का लाभ राज्य किसान आसानी से ले सकेंगे। गौरतलब है कि किसी भी तरह की जमीन जायदाद के पंजीकरण पर एक प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप फीस, एक प्रतिशत पीआईडीबी शुल्क और 0.25 प्रतिशत विशेष शुल्क कम किया गया है। यह कुल छूट 2.25 प्रतिशत बनती है।
जिंपा ने कहा कि पंजाब के लोगों को पारदर्शी, झंझट मुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त सेवाएं मुहैया कराना मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार का मुख्य लक्ष्य है और इससे राज्य की आय लगातार बढ़ रही है। उन्होंने अपील की कि राज्य के खजाने को और मजबूत करने के लिए जनता सरकार का सहयोग करे और किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को किसी भी कार्य के लिए रिश्वत न दी जाए और यदि राजस्व विभाग का कोई अधिकारी/कर्मचारी किसी कार्य के बदले पैसे की मांग करता है तो बेझिझक इसकी शिकायत की जानी चाहिए। आरोपी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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