आंध्र प्रदेश में PMAY Urban के तहत 3 साल में 4.2 लाख से ज्यादा घर बनाए गए, लागत 11,273 करोड़ रुपए
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत आंध्र प्रदेश में तीन सालों के दौरान कुल 4,22,355 पक्के घर बनाए गए हैं। साथ ही आंकड़े भी पेश किए हैा।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (पीएमएवाई-यू) 'सभी के लिए आवास' मिशन के तहत आंध्र प्रदेश में तीन सालों के दौरान कुल 4,22,355 पक्के घर बनाए गए हैं। यह बातें आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री कौशल किशोर ने राज्यसभा में सांसद परिमल नथवानी के सवाल का जवाब देते हुए कहीं।
नथवाणी ने पिछले तीन सालों में शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आवास सुविधाएं प्रदान करने के लिए पीएमएवाई-यू के तहत बनाए गए पक्के घरों की संख्या और इसी अवधि के दौरान विभिन्न केंद्र समर्थित योजनाओं के तहत सरकार द्वारा प्रदान की गई और उपयोग की गई वित्तीय सहायता का राज्य-वार विवरण जानना चाहा। आंकड़ों में समझें...

कौशल किशोर ने बताया कि आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय सभी पात्र शहरी लाभार्थियों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए 25 जून 2015 से योजना के तहत केंद्रीय सहायता प्रदान कर रहा है। आंध्र प्रदेश में पिछले तीन सालों में पक्के मकान बनाने के लिए 11,273.55 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता का उपयोग किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर, 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 39,63,232 पक्के घर बनाए गए हैं और वित्तीय वर्ष 2020-21 से 47,332 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का उपयोग किया गया है।
किशोर ने कहा कि 2 लाख करोड़ रुपये (लगभग) की केंद्रीय सहायता के तहत कुल 118.90 लाख घरों को मंजूरी दी गई है। कुल स्वीकृत घरों में से 112.22 लाख का निर्माण शुरू हो चुका है और उनमें से 10 जुलाई 2023 तक 75.31 लाख घर पूरे हो चुके हैं। योजना के तहत अब तक 1.47 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की जा चुकी है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना की पिछली समय सीमा तक योजना के तहत स्वीकृत सभी घरों को पूरा करने के लिए इसके फंडिंग पैटर्न और कार्यान्वयन पद्धति को बदले बिना, सीएलएसएस वर्टिकल को छोड़कर, पीएमएवाई-यू की कार्यान्वयन अवधि को 31 मार्च, 2022 से बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2024 तक कर दिया गया है।












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