पंजाब में खत्म होगी ठेकेदारी प्रथा, 65 हजार कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को पक्का करेगी भगवंत मान सरकार
पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने कर्मचारियों के हित में बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए राज्य में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 65 हजार से अधिक कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस फैसले के बाद राज्य सरकार सीधे कर्मचारियों की नियुक्ति करेगी और ठेकेदारों तथा बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
अरविंद केजरीवाल ने बताया ऐतिहासिक फैसला
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने ठेकेदारी प्रथा खत्म करने और बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के लिए नई जिंदगी की शुरुआत है, जहां उन्हें सम्मान, सुरक्षा और अधिकार मिलेंगे।

कर्मचारियों को मिलेंगी सभी सरकारी सुविधाएं
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा कि नियमित किए जाने वाले कर्मचारियों को अब सीधे सरकार की ओर से वेतन दिया जाएगा। साथ ही उन्हें भविष्य निधि (PF), ईएसआई, ग्रेच्युटी और अन्य सभी वैधानिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है।
जोखिम भरे कार्यों में लगे कर्मचारियों को विशेष राहत
सरकार ने अग्निशमन विभाग, सीवर सफाई और बिजली लाइनमैन जैसे जोखिमपूर्ण कार्यों में लगे कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान किया है। ऐसे कर्मचारियों को अब पांच वर्ष के बजाय केवल तीन वर्ष की सेवा पूरी होने पर नियमित किया जाएगा। इससे हजारों कर्मचारियों को जल्द स्थायी नौकरी का लाभ मिल सकेगा।
बकाया और महंगाई भत्ते के लिए बनेगी विशेष समिति
कैबिनेट ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित बकाया भुगतान तथा महंगाई भत्ते (DA) से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए एक विशेष कैबिनेट उप-समिति के गठन को भी मंजूरी दी है। सरकार का दावा है कि इससे कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा।
भ्रष्टाचार मामलों के लिए बनेंगे सात विशेष न्यायालय
राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए पंजाब में सात नए विशेष न्यायालय स्थापित करने का फैसला भी लिया है। सरकार का मानना है कि इससे भ्रष्टाचार के मामलों में सुनवाई तेज होगी और न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
मनीष सिसोदिया ने दी बधाई
पंजाब मामलों के प्रभारी Manish Sisodia ने इस फैसले को लाखों लोगों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि 65 हजार कर्मचारियों को स्थायी करने का निर्णय देश के लिए मिसाल बनेगा और कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा प्रदान करेगा। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को इस ऐतिहासिक पहल के लिए शुभकामनाएं दीं।
कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा का दावा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य में कर्मचारियों और आम लोगों के अधिकारों के हनन का दौर अब समाप्त होगा। उनकी सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण और बेहतर भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है तथा कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।












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