केजरीवाल का केंद्र पर हमला: ‘देश को अब शिक्षित प्रधानमंत्री की जरूरत, एयरफोर्स से पेपर ले जाने से नहीं रुकेगा
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने Neet समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर माफिया का कब्जा हो चुका है और सरकार समस्या की जड़ तक पहुंचने के बजाय दिखावटी कदम उठा रही है। केजरीवाल ने दावा किया कि अब देश को एक शिक्षित प्रधानमंत्री की जरूरत है, जो शिक्षा और परीक्षा प्रणाली की गंभीरता को समझ सके।
एयरफोर्स से प्रश्नपत्र ले जाने के फैसले पर उठाए सवाल
शनिवार को जारी एक वीडियो संदेश में केजरीवाल ने केंद्र सरकार के उस फैसले पर सवाल उठाए, जिसमें नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित ढंग से पहुंचाने के लिए वायुसेना के विमान और बुलेटप्रूफ वाहनों के इस्तेमाल की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में बड़ी-बड़ी परीक्षाएं आयोजित होती हैं, लेकिन कहीं भी प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए इस तरह के कदम नहीं उठाए जाते।

उनका कहना था कि सरकार वास्तविक समस्या को दूर करने के बजाय केवल यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि उसने बड़ा कदम उठा लिया है। उन्होंने पूछा कि क्या केवल परिवहन व्यवस्था बदल देने से पेपर लीक जैसी घटनाएं रुक जाएंगी।
'सिस्टम की खामियां दूर करने की नहीं है नीयत'
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि यदि सरकार की नीयत सही होती तो वह यह पता लगाने की कोशिश करती कि आखिर प्रश्नपत्र लीक कहां से हो रहे हैं और उस स्रोत को बंद करती। उन्होंने कहा कि एयरफोर्स के जरिए पेपर पहुंचाने की बात करके मूल समस्या से ध्यान भटकाया जा रहा है, जबकि लीक होने की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रह सकती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को खत्म करने के लिए ठोस सुधारों की जरूरत है, न कि केवल प्रतीकात्मक घोषणाओं की।
शिक्षा माफिया के कब्जे में है पूरा सिस्टम
आप प्रमुख ने दावा किया कि देश का पूरा शिक्षा तंत्र एक बड़े शिक्षा माफिया के प्रभाव में है। उनके अनुसार, यही वजह है कि लगातार पेपर लीक, मूल्यांकन में गड़बड़ियां और छात्रों के साथ अन्याय जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इस माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।
छात्र वेदांत के मामले का किया जिक्र
अपने बयान में केजरीवाल ने छात्र वेदांत के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चर्चित इस मामले में छात्र ने आरोप लगाया कि उसका फिजिक्स का उत्तर-पत्र किसी दूसरे छात्र के पेपर से बदल दिया गया, जिसके कारण उसे अपेक्षा से कम अंक मिले।
केजरीवाल ने कहा कि जब छात्र ने अपनी शिकायत सार्वजनिक की तो सोशल मीडिया पर उसे ट्रोल किया गया और तरह-तरह के आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
छात्रों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील
केजरीवाल ने कहा कि शिक्षा माफिया के खिलाफ अकेले किसी एक छात्र की लड़ाई सफल नहीं हो सकती। उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा या एक छात्र का मामला नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य का सवाल है। यदि सभी लोग मिलकर आवाज उठाएंगे तभी सरकार पर व्यवस्था सुधारने का दबाव बनेगा और शिक्षा तंत्र को पारदर्शी बनाया जा सकेगा।












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