Delhi: साकेत मेट्रो स्टेशन के पास 5 मंजिला इमारत गिरी, 10 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
Delhi Building Collapse: दक्षिणी दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट स्थित सैदुलाजाब इलाके में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जब निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दमकल विभाग, पुलिस तथा बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए।
शुरुआती जानकारी के अनुसार कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है, जबकि 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। संकरी गलियों और घनी आबादी के बीच राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं बचाव टीमें
दिल्ली फायर सर्विसेज को शनिवार शाम करीब 7:44 बजे इमारत ढहने की पहली सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और अन्य आपातकालीन टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। करीब आधे घंटे बाद, रात 8:30 बजे फायर स्टेशन ऑफिसर (STO) मुकुल भारद्वाज ने पूरी इमारत के धराशायी होने की पुष्टि की। रात के अंधेरे को देखते हुए मलबा हटाने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था के लिए वाटर टेंडर और लाइट वैन भी तत्काल मौके पर भेजी गईं।
ग्राउंड फ्लोर पर चल रहा था कोचिंग सेंटर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर एक कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था, जबकि ऊपरी मंजिलों पर निर्माण कार्य जारी था। बताया जा रहा है कि इमारत अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि हादसे के समय कोचिंग सेंटर में कुछ छात्र मौजूद थे, वहीं ऊपरी मंजिलों पर मजदूर भी काम कर रहे थे। हालांकि, मलबे में फंसे लोगों की संख्या को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
चंद सेकेंड में जमींदोज हुई पूरी इमारत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहुमंजिला इमारत कुछ ही क्षणों में भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद मौके पर कंक्रीट, ईंट और लोहे के सरियों का विशाल ढेर लग गया। अचानक हुए इस हादसे से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग भी राहत कार्य में जुट गए।
संकरी गलियां बन रहीं रेस्क्यू ऑपरेशन में चुनौती
सैदुलाजाब की संकरी गलियां और घनी आबादी बचाव कार्यों में बड़ी बाधा साबित हो रही हैं। स्थानीय निवासी अपने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट और टॉर्च की मदद से राहत टीमों का सहयोग कर रहे हैं। वहीं, बचाव वाहनों को रास्ता देने के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चल रहा रेस्क्यू
घटनास्थल पर डिविजनल ऑफिसर (DO) रविंदर सिंह, एडीओ संतोष कुमार और एसटीओ फूल सिंह मीणा की देखरेख में राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों की भी निगरानी शुरू कर दी है, ताकि किसी अन्य संभावित खतरे से बचा जा सके।
हादसे के कारणों की जांच के बाद ही होगा खुलासा
अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरे मलबे को हटाकर विस्तृत जांच नहीं कर ली जाती, तब तक हादसे के कारणों और संभावित हताहतों की संख्या को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल बचाव दल मलबे के हर हिस्से की गहन तलाशी ले रहा है, ताकि किसी भी फंसे हुए व्यक्ति का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।












Click it and Unblock the Notifications