प्रधानमंत्री के आह्वान पर हरियाणा सरकार ने शुरू किया अनुसंधान की दिशा में काम: मनोहर लाल खट्टर
प्रधानमंत्री के आह्वान पर हरियाणा सरकार ने शुरू किया अनुसंधान की दिशा में काम: मनोहर लाल खट्टर
चंडीगढ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को किए गए आह्वान पर काम करते हुए हरियाणा सरकार ने अनुसंधान की दिशा में काम शुरू कर दिया है। 76वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान' का नया नारा दिया था। प्रधानमंत्री के आह्वान के महज 7 दिनों में ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व में हरियाणा में अनुसंधान के दो नए केंद्रों का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल भिवानी के खरकड़ी में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र तथा पशुविज्ञान केंद्र बहल का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि प्रधान हरियाणा में कृषि क्षेत्र के लिए आज एक विशेष दिन है। आज हमने परंपरागत खाद्यान्नों की खेती के स्थान पर नए युग की जरूरतों के अनुसार नई तकनीक की नई खेती के लिए मील के 2 पत्थर स्थापित किए हैं। मुझे विश्वास है कि दोनों विश्वविद्यालयों के ये दोनों क्षेत्रीय केंद्र हमारे कृषि क्षेत्र में अनुसंधान के बल पर अपनी विशेष पहचान बनाएंगे। इनके अलावा मुख्यमंत्री ने आज इस क्षेत्र की 224.56 करोड़ रुपये लागत की 16 परियोजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास भी किए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नायक जाति के लोगों की अनुसूचित जाति में जोड़ने की मांग पर आश्वसन देते हुए कहा कि हरियाणा सरकार उनके पीछे खड़ी है। उन्होंने कहा कि इस बारे केंद्र से बात हुई है और अगले एक महीने में केंद्र के साथ मीटिंग कर इस बारे फिर से चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कई स्थानीय मांगों पर भी अपनी स्वीकृति दी। उन्होंने पीडब्ल्यूडी की 14 सड़कों के लिए कुल 26 करोड़ रुपए मंजूर किए। वहीं मार्केंटिंग बोर्ड की नई 32 सड़कें और रिपेयर होने वाली सड़कों के लिए 20 करोड़ रुपए दिए। मुख्यमंत्री ने जिम, सामुदायिक भवन, पीएचसी और सीएचसी की मांग पर लोगों को आश्वस्त किया कि इसे लेकर विभाग को कह दिया है, जैसे ही फिजिबलिटी रिपोर्ट आएगी इस पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग से संबंधित मांगों को पूरा करने का आश्वसन दिया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस दौरान घोषणा की कि सिंघानी शहीदों का गांव हैं, उस गांव में जगह उपलब्ध होने पर शहीदी स्मारक बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्राम पंचायत खरकड़ी का धन्यवाद किया जिसने इस क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के लिए 120 एकड़ जमीन प्रदान की है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र पर लगभग 39 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह 2 वर्षों में बनकर तैयार हो जाएगा। इसमें बागवानी उत्पादन से संबंधित सभी विषयों पर अनुसंधान कार्य किया जाएगा। इसमें देश-विदेशों में उपलब्ध फलों, सब्जियों, औषधीय और सुगंधित पौधों, मसालों आदि की किस्मों का संग्रह किया जाएगा। उनकी उन्नत व संकर किस्मों का विकास किया जाएगा, जो कीटों और रोगों की प्रतिरोधी होंगी। यहां पर किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे व बीज उपलब्ध करवाए जाएंगे। नई प्रौद्योगिकियों का विकास, फलों, सब्जियों, बीज मसालों आदि के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की पहले से विकसित प्रौद्योगिकियों पर और अनुसंधान किया जाएगा।












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