SACI की दूसरी किस्त को लेकर ओडिशा राज्य को हो सकता है नुकसान, जानें वजह
ओडिशा राज्य के कई विभागों ने केंद्रीय सहायता और पूंजीगत व्यय (capex) प्रावधानों के उपयोग में खराब प्रदर्शन किया है जिसके कारण ओडिशा पूंजी निवेश (SACI) की दूसरी किस्त को लेकर राज्य को नुकसान हो सकता है। खराब प्रदर्शन के कारण दूसरी किस्त के लिए ओडिशा पात्रता खो सकता है।

बता दें राज्यों द्वारा पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा SACI के तहत ब्याज मुक्त ऋण जारी किया जाता है। मौजूदा वित्तीय वर्ष योजना के अंतर्गत राज्यों को 1.3 लाख करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था।
पहली किस्त में 3,018.66 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे
गौरतलब है कि ओडिशा राज्य को योजना के फर्स्ट पार्ट के तहत विशेष सहायता के लिए 4,528 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी और पहली किस्त के तौर पर 3,018.66 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। इस आवंटित धनराशि में 2021-22 की अप्रयुक्त निधि (जिस धनराशि का इस्तेमाल 2021-22 में नहीं किया गया था) 72.61 करोड़ रुपये शामिल हैं।
जानें कितना यूज किया गया
सरकारी अधकिारी के अनुसार 2022-23 में SACI के तहत 100 परियोजनाओं के लिए 1,582.73 करोड़ रुपये के फंड का उपयोग किया गया।
कम से कम 75 प्रतिशत खर्च करना होगा
सूत्रों के अनुसार पहली किस्त के तहत आवंटित 3,018.66 करोड़ रुपये का कम से कम 75 प्रतिशत यानी लगभग 2,264 करोड़ रुपये खर्च करना होगा और 2023-24 में पूंजीगत व्यय (capex) के लिए निर्धारित कुल लक्ष्य का 45 प्रतिशत हासिल करना होगा। जिसके बाद ही केंद्र सनकार की विशेष सहायता एसएसीआई की दूसरी किस्त का ओडिशा राज्य पात्र होगा।
सरकार ने सभी विभागों को खर्च में तेजी लाने का दिया आदेश
ओडिशा को 2022-23 में SACI के तहत 100 परियोजनाओं के लिए 1,582.73 करोड़ रुपये का यूज किया गया। वहीं अब सरकार ने सभी विभागों को खर्च में तेजी लाने और समय पर उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करने का आदेश दिया गया ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके केंद्र सरकार द्वारा SACI के तहत दी जा रही वित्तीय सहायता की दूसरी किस्त के लिए ओडिशा पात्र हो सके।












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