महिला सशक्तिकरण में ओडिशा बना रोल मॉडल, राज्य में 43 प्रतिशत स्टार्टअप का नेतृत्व महिला उद्यमी कर रही
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के कार्यकाल में महिला सशक्तिकरण को लेकर जो प्रयास हुए, उसकी बदौलत ओडिशा अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बन चुका है। नवीन पटनायक सरकार में महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं बल्कि मिशन है। वर्ष 2000 में नवीन पटनायक के सत्ता संभालने के बाद से ना केवल लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण पर फोकस किया गया बल्कि ओडिशा बहुत बड़े महिला नेतृत्व वाले विकसित राज्य के रूप में विकसित हुए।

ओडिशा में नवीन पटनायक की दो दशकों की सरकार में महिला उद्यमियों के नेतृत्व के मामले में प्रतिमान स्थापित किया है। विश्व आर्थिक मंच की लिंग अंतर रिपोर्ट 2023 में 'Economic Opportunity and Participation' की इनडेक्स में 146 देशों में से भारत 142वें और 'राजनीतिक सशक्तिकरण' की सूची में 59वें स्थान पर है। ओडिशा में 43 प्रतिशत स्टार्टअप का नेतृत्व महिला उद्यमी कर रही हैं जबकि राष्ट्रीय औसत 18 प्रतिशत है।
महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में शुरू की गई योजनाओं के अंतर्गत उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता, व्यक्तिगत पहचान और सामाजिक स्वीकृति मिली। जिसमें वर्ष 2001 में अंतर्राष्ट्र्रीय महिला दिवस के अवसर पर मिशन शक्ति कार्यक्रम शुरू किया गया जो महासंघ के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण पर काम करता है। यह जमीनी स्तर पर स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने और वाइबरेंट फाइनेन्शियल सेंंटर्स में बदलने की दिशा में काम करता है।
बता दें ओडिशा सरकार ने अकेले 2022-23 में इंस्टीट्यूशनल फाइनेंस के रूप में चार लाख एसएचजी को 11,000 करोड़ रुपये का ऋण दिया। इसके तहत ओडिशा में एक अलग से जेंडर बजट तैयार किया जाता है। 2023-24 में इस जेंडर बजट में मिशन शक्ति विभाग को सर्वाधिक बजट 41.57 प्रतिशत मिला। मिशन शक्ति ने महिलाओं को घिसे-पिटे घरेलू सामाजिक कामों से अलग हटकर आर्थिक रूप से संपन्न बनाने के रास्ते पर जाने के लिए सक्षम बनाया।
सरकारी विभागों के साथ मिलकर कई पहल की गई जिसमें वितरण प्रणाली में खुदरा डीलरशिप, स्वास्थ्य मित्र, जल साथी, कर संग्राहक और बैंकिंग संवाददाता के रूप में काम करना महिलाओं ने काम शुरू किया। इस प्रकार आर्थिक सशक्तिकरण से परे जाना शामिल है।
इसके अलावा एसएचजी की महिलाओं को फैशन, लाइफस्किल, प्रोफेशनल सिलाई, एयर-होस्टेस, ई-कामर्स और ब्यूटी और वेलफेयर जैसे मॉडर्न कोर्स में ट्रेंड किया जा रहा है ताकि उन्हें अपने गांवों में अपने घरों में ब्यूटी पार्लर खोलने में मदद मिल सके। कोरोना महामारी के दौरान ओडिशा केी महिलाएं बुजुर्गों को भोजन और सभी को मास्क और सैनिटाइजर वितरित करने में सबसे आगे रहीं।












Click it and Unblock the Notifications