Odisha से जुड़ी नीति आयोग की रिपोर्ट, गरीबी सूची में मल्कानगिरी सबसे ऊपर, पुरी का नंबर सबसे नीचे
ओडिशा में गरीबी की स्थिति को लेकर जारी नीति आयोग की रिपोर्ट में मल्कानगिरी सूची में सबसे ऊपर है। गरीबों की सूची में पुरी सबसे निचले पायदान पर है। नीति आयोग ने राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक जारी किया है।
आयोग की रिपोर्ट से पता चला है कि ओडिशा के मलकानगिरी जिले में राज्य में गरीबों की संख्या सबसे अधिक है, जबकि पुरी में सबसे कम है। रिपोर्ट के अनुसार, मलकानगिरी की 45.01% आबादी 'बहुआयामी गरीब' श्रेणी की है, जबकि पुरी में यह आंकड़ा 3.29% है।

गरीब आबादी का प्रतिशत अधिक होने वाले अन्य जिले रायगढ़ा (34.03), कोरापुट (33.54), नबरंगपुर (33.45) और मयूरभंज (30.57) हैं। दूसरी ओर, पुरी, जगतसिंहपुर, खुर्दा, कटक, गंजाम, नयागढ़, झारसुगुड़ा, सोनपुर, केंद्रपाड़ा और बलांगीर में गरीबी दर 10 प्रतिशत से कम है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 2015-16 से 2019-21 के बीच ओडिशा में 62,62,852 लोग गरीबी से मुक्त हुए हैं। इस अवधि में राज्य में गरीबी की दर 29.34 प्रतिशत से घटकर 15.68 प्रतिशत हो गयी।
गांवों में गरीबी 32.64 से घटकर 17.72 प्रतिशत हो गई जबकि शहरी क्षेत्रों में गरीबी दर 12.32 प्रतिशत से घटकर 5.42 प्रतिशत हो गई। देश-स्तर पर, 13.5 करोड़ से अधिक भारतीय पांच वर्षों में बहुआयामी गरीबी से बाहर आने में सफल रहे।
2015-16 और 2019-21 के बीच बहुआयामी गरीबों की संख्या में 24.85 प्रतिशत से 14.96 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 3.43 करोड़ के साथ सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई, इसके बाद बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा और राजस्थान का स्थान है।












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