रिडले समुद्री कछुओं के संरक्षण में 'ओडिशा मॉडल' की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना
भुवनेश्वर, अक्टूबर 27। ओडिशा में रिडले समुद्री कछुओं के बचाव के लिए किए गए सरकार के प्रयास की सराहना हर जगह हो रही है। रिडले समुद्री कछुओं के संरक्षण के लिए ओडिशा मॉडल को सर्वोत्तम माना गया है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ओडिशा मॉडल की सराहना हुई है। राज्य उच्च शक्ति समिति में, मुख्य सचिव सुरेश चंद्र महापात्रा ने कहा कि भारतीय वन्यजीव संस्थान के डॉ के शिवकुमार और डॉ प्रियंबदा मोहंती (हेजमदी) जैसे वैज्ञानिक इस बात को कह चुके हैं कि ओडिशा ने रिडले समुद्री कछुओं के संरक्षण में अहम योगदान निभाया है।

महापात्र ने कहा कि चूंकि ओडिशा को कछुओं की इस प्रजाति को बचाने का काफी अनुभव है तो हमें ही इस जिम्मेदारी को उठाना होगा। उन्होंने कहा कि इस काम के लिए राज्य सरकार एक बड़ा निवेश कर रही है ताकि विश्व समुदाय के लिए कछुए की इस प्रजाति को बचाया जा सके। सुरेश चंद्र महापात्रा ने वन एवं पर्यावरण विभाग, मत्स्य विभाग और जीव संसाधन विभाग, पुलिस, मरीन पुलिस और ओडिशा कोस्ट गार्ड को कछुओं की इस प्रजाति के संरक्षण में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
सुरेश महापात्रा ने नेस्टिंग कोस्ट पर कछुओं के संरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित का निर्देश दिया है। तटरक्षक बल से किसी भी अवैध मछली पकड़ने के बारे में विभागों के साथ वास्तविक समय में खुफिया जानकारी साझा करने का अनुरोध किया गया था। कछुओं को संभावित खतरों से बचाने के लिए डीआरडीओ, धमारा पोर्ट, गोपालपुर पोर्ट और पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण जैसी संस्थाओं से ब्लैक-आउट प्रथाओं और लाइट डीमिंग का पालन करने का अनुरोध किया गया था।
महापात्र ने संरक्षण अभियान में लगे सभी अधिकारियों को मछली पकड़ने वाली नौकाओं के स्थान का पता लगाने के लिए ऐप डाउनलोड करने का निर्देश दिया।












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