ओडिशा: लैंगिक समानता पर जागरूकता बढ़ाने को मिश्रित टीम फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन, हर टीम में 7 महिला खिलाड़ी
लैंगिक समानता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए संबलपुर जिले में एक मिश्रित टीम फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है।
समता कप में भाग लेने वाली प्रत्येक टीम में कम से कम 50 प्रतिशत महिला खिलाड़ी हैं। सामाजिक संस्था 'पतंग' द्वारा आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट में मानेश्वर, जुजुमुरा और धनकौड़ा ब्लॉक की दस टीमों ने हिस्सा लिया।

प्रत्येक टीम में कम से कम सात से आठ महिला खिलाड़ी हैं। जिले के विभिन्न प्रखंडों में अब तक मिश्रित टूर्नामेंट के 10 मैच आयोजित किये जा चुके हैं। फाइनल मैच 17 नवंबर को शहर के 4सी ग्राउंड में होगा।
पतंग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रीता मिश्रा ने कहा कि कभी-कभी पुरुष भी लैंगिक असमानता का शिकार हो जाते हैं। इस प्रकार हमने लिंग समानता पर जागरूकता पैदा करने के लिए इस तरह के टूर्नामेंट आयोजित करने का निर्णय लिया है। जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए काम करता हो।
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि यह फुटबॉल टूर्नामेंट एक ऐसे मंच के रूप में काम करे, जहां प्रतिभागी लैंगिक समानता से संबंधित मुद्दों पर बातचीत कर सकें। टूर्नामेंट का उद्देश्य लोगों को समाज में मौजूद लैंगिक असमानता के परिणामों और प्रभाव के बारे में शिक्षित करना और इसके लिए प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि अपनी धारणा बदलें।
आयोजकों ने कहा कि चूंकि मिश्रित टीम एक नई अवधारणा है, इसलिए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मैचों के दौरान सभी को खेलने का समान अवसर मिले। चूंकि फुटबॉल एक पुरुष-केंद्रित खेल है और प्रकृति में आक्रामक है, इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि मैचों के दौरान पुरुषों और महिलाओं के बीच गलतफहमी पैदा न हो। प्रत्येक टीम के खिलाड़ियों के साथ कई दौर की चर्चा भी की गई। सभी खिलाड़ी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से हैं।
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