ओडिशा में अगले साल होगी राज्य भर के हाथियों की जनगणना, सात साल से नहीं हुई गिनती
ओडिशा की पटनायक सरकार ने 2024 में प्रदेश भर के हाथियों की जनगणना करवाने का ऐलान किया है। प्रदेश में हर दो साल पर हाथियों की जनसंख्या का पता करने के लिए जनगणना करवायी गई है। सरकार के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 2024 में ये गणना हमेशा की तरह गर्मियों के मौसम में होगी।

पीसीसीएफ (वन्यजीव) और मुख्य वन्यजीव वार्डन एसके पोपली ने कहा राज्य सरकार ने अगले साल गर्मियों के दौरान हाथियों की जनगणना कराने का फैसला किया है। इसके लिए प्रक्रिया एक महीने के भीतर शुरू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि वन विभाग की वन्यजीव शाखा जल्द ही इसके लिए एक एसओपी तैयार करेगी और इसे अगले महीने तक मंजूरी के लिए सरकार को सौंपा जाएगा।
हाथियों के बेहतर संरक्षण योजना तैयार करने की कवायद जल्द पूरी करने की जरूरत के बावजूद वन विभाग पिछले छह वर्षों से हाथियों की जनगणना नहीं करवा पाया है। ओडिशा हर दो साल में अपनी हाथी जनगणना आयोजित करता था।
वर्ष 2019 में जनगणना नहीं हो पाई थी, बाद में 2020 में कोविड-19 के प्रकोप के कारण हाथियों की जनगणना नहीें हो पाई।
2017 में की गई पिछली जनगणना में, राज्य में 1,976 संख्या थी,वहीं 2015 में पिछली जनगणना के 1,954 से मामूली वृद्धि दर्ज की गई।
राज्य ने 2017-18 और 2022-23 के बीच पिछले छह वर्षों में अवैध शिकार, जहर, बिजली के झटके, सड़क दुर्घटनाओं और ट्रेन टक्कर सहित विभिन्न कारणों से कम से कम 509 हाथियों की मौत हो चुकी है।
2021-22 में कम से कम 86 हाथियों की मौत हो गई, जबकि 2022-23 में अन्य 93 हाथियों की मौत हो गई। वन अधिकारियों ने कहा कि एसओपी को अंतिम रूप देते ही सज्जन दिग्गजों की गणना अभ्यास के लिए क्षेत्र-स्तरीय तैयारी शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हाथियों की जनगणना मई 2024 तक हो सकती है।












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