आंदोलनकारी ड्राइवरों से ओडिशा सरकार ने की बात, मांगों पर विचार का दिया भरोसा
चालक संघ ने बैठक के बाद सहयोग करने और आश्वासन पर विचार करने का संकेत दिया लेकिन अंतिम रिपोर्ट आने तक हड़ताल वापस लेने की कोई औपचारिक सूचना नहीं दी है।

ओडिशा सरकार ने ड्राइवरों की हड़ताल के बीच आंदोलनकारियों के साथ बातचीत करने और इस मुद्दे का हल निकालने के लिए एक अहम कदम उठाया है। गौरतलब है कि ड्राइवरों की हड़ताल के गुरुवार को दूसरे दिन में प्रवेश करने से आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की आवाजाही प्रभावित हो रही थी।
मुख्य सचिव प्रदीप कुमार जेना ने चालक एकता महामंच के प्रतिनिधिमंडल के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में बैठक बुलाई और एसोसिएशन को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी मांगों पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है और लंबित मुद्दों को तीन महीने के भीतर उचित रूप से हल करेगी।
वहीं, चालक संघ ने बैठक के बाद सहयोग करने और आश्वासन पर विचार करने का संकेत दिया, लेकिन अंतिम रिपोर्ट आने तक हड़ताल वापस लेने की कोई औपचारिक सूचना नहीं दी है। इस बीच, हड़ताल के कारण ओडिशा में लगातार दूसरे दिन आवश्यक वस्तुओं, सब्जियों, ईंधन और गैस की आवाजाही और आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित रही। सूत्रों ने कहा कि सब्जियों, मछलियों और अंडों सहित खराब होने वाले खाद्य पदार्थों से भरे 400 से अधिक ट्रक विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं।
राज्य की सबसे बड़ी सब्जी और फलों की थोक मंडी कटक के छतरा बाजार सहित कई सब्जी मंडियों में ताजा सब्जियों और फलों की आवक नहीं होने के कारण इनकी किल्लत हो गई है। यूनिट-I बाजार और राज्य की राजधानी की मांगों को पूरा करने वाली एजिनिया का भी यही हाल है।
सूत्रों ने कहा कि 300 से अधिक ट्रक रोजाना बाहरी राज्यों से कटक, भुवनेश्वर, बेरहामपुर, संबलपुर, राउरकेला और बालासोर में सब्जियां, फल और अन्य आवश्यक वस्तुओं का परिवहन करते हैं। हालांकि मंगलवार रात सब्जी और फल ले जाने वाले कुछ वाहन पहुंच गए थे, लेकिन बुधवार से राज्य के अंदर और बाहर दोनों जगह आवाजाही बंद हो गई है।












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