ओडिशा में रेलवे की 'उपेक्षा' को लेकर बीजद ने किया विरोध प्रदर्शन
बीजद नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र ने इस साल के बजट में मयूरभंज में रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महज 1,000 रुपये आवंटित किए।

केंद्र सरकार पर रेलवे क्षेत्र में मयूरभंज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बीजद की जिला इकाई ने सोमवार को बारीपदा में कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना दिया। बीजद के कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार मुफ्त जमीन और अन्य सुविधाएं देने को तैयार है, लेकिन केंद्र ने अभी तक आदिवासी बहुल जिले में रेलवे कनेक्टिविटी में सुधार नहीं किया है।
बीजद नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र ने इस साल के बजट में मयूरभंज में रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महज 1,000 रुपये आवंटित किए। राज्यसभा की पूर्व सदस्य और बीजद की वरिष्ठ नेता सरोजनी हेम्ब्रम ने कहा, 'एक सांसद के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, मैंने मयूरभंज और क्योंझर में बुढामारा और चाकुलिया, बंगीरिपोसी और गरुमाहिसानी और बादामपहाड़ के बीच रेलवे कनेक्टिविटी की मांग की थी। मैंने इन मांगों को कई बार संसद में उठाया और रेल मंत्रालय को पत्र भी लिखा। लेकिन जिले में अब तक प्रोजेक्ट नहीं आ सके हैं।'
बीजद के जिलाध्यक्ष व बंगीरीपोसी विधायक सुदाम मरांडी ने कहा कि मयूरभंज की खदानों से केंद्र को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है, लेकिन क्षेत्र के रेलवे बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि मयूरभंज के सांसद बीजेपी से हैं लेकिन रेल मंत्रालय द्वारा जिले की उपेक्षा पर वे चुप हैं। इसके बाद बीजद नेताओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।












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