ओडिशा विधानसभा को देश में नंबर 1 पेपरलेस विधानसभा घोषित किया गया
भुवनेश्वर, 20 अप्रैल: ओडिशा विधानसभा को देश की नंबर एक पेपरलेस विधानसभा के रूप में चुना गया है। इसकी जानकारी मंगलवार को अध्यक्ष सूर्य नारायण पात्रा ने दी। अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार इस महीने के अंत में प्रयागराज में आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह में ओडिशा विधानसभा को 'उत्कृष्टता पुरस्कार' प्रदान करेगी।

विधानसभा सचिव और दो अन्य अधिकारी पुरस्कार ग्रहण करने के लिए प्रयागराज जाएंगे। उन्होंने कहा कि उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त करने वाला ओडिशा देश का एकमात्र राज्य है। इससे पहले नागालैंड पेपरलेस विधानसभा होने का गौरव प्राप्त करने वाला पहला राज्य बन चुका है।
पेपरलेस असेंबली या ई-असेंबली एक अवधारणा है जिसमें असेंबली के काम को सुविधाजनक बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक साधन शामिल हैं। यह संपूर्ण कानून बनाने की प्रक्रिया के स्वचालन, निर्णयों और दस्तावेजों की ट्रैकिंग, सूचनाओं के आदान-प्रदान को सक्षम बनाता है। नेवा को लागू करने का खर्च केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 90:10 के बंटवारे के आधार पर दिया जाता है।
नागालैंड से पहले हिमाचल विधानसभा पेपरलेस हो चुकी है, लेकिन वहां NeVA एप्लिकेशन का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। 2014 से ही हिमाचल प्रदेश में विधानसभा के कामकाज में कागजों का इस्तेमाल सीमित कर दिया गया है। झारखंड विधानसभा को भी 2019 में डिजिटल बना दिया गया था। दिल्ली विधानसभा भी इसी साल पेपरलेस होने की उम्मीद है।












Click it and Unblock the Notifications