अब खूब पढ़ेंगी शहरी मलिन बस्तियों की लड़कियां, ओडिशा कमिश्नरेट पुलिस ने शुरू की नई पहल
यह देखा गया था कि कूड़ा बीनने वालों की बेटियां सरकारी स्कूलों में पढ़ती हैं लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे निजी ट्यूशन नहीं ले पाती हैं।

ओडिशा में कमिश्नरेट पुलिस ने शहर में कचरा बीनने वालों और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोगों की लड़कियों की शिक्षा को सपोर्ट करने के लिए एक नया कार्यक्रम 'एनलाइट 2.0' शुरू किया है। कार्यक्रम के पहले चरण में भुवनेश्वर की पांच झुग्गियों- सिखरचंडी नगर, सिखरचंडी नगर मुस्लिम, साइबानाफुला, तारिणी और पात्रा की 200 लड़कियों को चुना गया है।
पहल के तहत, प्रत्येक झुग्गी में अध्ययन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां कक्षा V से कक्षा VIII की पहचान की गई छात्राओं को शिक्षा सहायता प्रदान की जाएगी। यहां वॉलंटियर प्रतिदिन एक घंटे सुबह और दो घंटे शाम को गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और अन्य विषयों की पढ़ाई कराएंगे।
यह देखा गया था कि कूड़ा बीनने वालों की बेटियां सरकारी स्कूलों में पढ़ती हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे निजी ट्यूशन नहीं ले पाती हैं। वहीं कुछ मामलों में अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों को अपनी बेटियों की शिक्षा बंद करनी पड़ी।
ऐसे सभी मामलों में, माता-पिता को परामर्श प्रदान किया जाएगा और उन्हें सलाह दी जाएगी कि वे अपने बच्चों की शिक्षा जारी रखें। भुवनेश्वर यूपीडी ने अपनी 'बस्ती कु चल' पहल के हिस्से के रूप में कार्यक्रम के लिए 'एड एट एक्शन', 'व्यूज और कैपजेमिनी' के साथ सहयोग किया है।












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