अपग्रेडेशन के लिए नहीं चुना गया तेलंगाना का कोई एयरपोर्ट
31 जनवरी, 2023 तक, उड़ान योजना के तहत 2017 के बाद से नौ हेलीपोर्ट और दो वाटर एयरोड्रोम सहित, उपयोग ना किए गए या कम सेवा वाले 73 हवाई अड्डों का संचालन किया गया है।

रीजनल एयर कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे तेलंगाना को अभी तक केंद्र से किसी तरह का कोई सपोर्ट नहीं मिला है। इस बात को जानकर हैरानी हो सकती है लेकिन पिछले छह वर्षों में उड़ान योजना के तहत राज्य में एक भी हवाई अड्डा विकसित नहीं किया गया है।
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वीके सिंह ने सोमवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह बात कही। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 21 अक्टूबर, 2016 को क्षेत्रीय हवाई संपर्क सुनिश्चित करने और जनता के लिए हवाई यात्रा को किफायती बनाने के लिए क्षेत्रीय संपर्क योजना - UDAN की शुरुआत की थी। 31 जनवरी, 2023 तक, उड़ान योजना के तहत 2017 के बाद से नौ हेलीपोर्ट और दो वाटर एयरोड्रोम सहित, उपयोग ना किए गए या कम सेवा वाले 73 हवाई अड्डों का संचालन किया गया है।
तेलंगाना ने जकरनपल्ली (निजामाबाद), पलवोंचा (भद्राद्री-कोठागुडेम), महबूबनगर, ममनूर, (वारंगल), बसंत नगर (पेद्दापल्ली) और आदिलाबाद में हवाई अड्डों के विकास का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, इनमें से किसी को भी उड़ान के तहत पुनरुद्धार/अपग्रेडेशन के लिए नहीं चुना गया है। पांच साल से इंतजार करने के बावजूद अभी तक UDAN तेलंगाना में नहीं पहुंची है।












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