ओडिशा में एनसीएल तालाबीरा बिजली परियोजना में भूमि संबंधी समस्याओं के कारण हो रही देरी
ओडिशा की एनसीएल तालाबीरा बिजली परियोजना भूमि संबंधी समस्याओं के कारण देरी हो रही है। कोयला मंत्रालय के सार्वजनिक क्षेत्र के नवरत्न उपक्रम एनएलसी इंडिया लिमिटेड के झारसुगुड़ा जिले के कुंभारी और तारेइकेला गांवों में 2,400 (3X800 मेगावाट) क्षमता के प्रस्तावित पिट हेड थर्मल पावर प्लांट के लिए भूमि मुद्दा अभी तक हल नहीं हो पाया है।

2017 से लटकी हुई परियोजना
रिपोर्ट के अनुसार 2017 से लटकी हुई परियोजना के प्रस्ताव ने भूमि संबंधी मुद्दों के कारण ताल तालाबीरा में 1,511 एकड़ भूमि की पहचान की थी। इसमें राख निपटान के लिए संबलपुर जिले के थेलकोलाई गांव के पास लगभग 500 एकड़ भूमि की पहचान की गई थी।
1,351 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण है लंबित
कैबिनेट सचिवालय में प्रगति परियोजना के लिए परियोजना निगरानी समूह (पीएमजी) ने समीझा की है। जिसमें पता चला है कि मुख्य संयंत्र के लिए झारसुगुड़ा जिले में 1,351 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण लंबित है, जबकि इस प्रोजेक्ट के लिए राख के लिए संबलपुर जिले में 183.58 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
28 एकड़ भूमि को मंजूरी नहीं दी है
कैबिनेट सचिवालय के पीएमजजी को ये पता चला है कि ओडिशा सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक 104 एकड़ सरकारी भूमि में से 28 एकड़ भूमि को मंजूरी नहीं दी है। हालांकि सरकार ने परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और पुनर्वास के लिए 76.52 एकड़ जमीन मंजूर की थी, लेकिन जिला प्रशासन ने इस उद्देश्य के लिए लगभग 50 एकड़ जमीन नहीं सौंपी है।
राज्य सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है
थर्मल पावर परियोजना के शुरू होने में बहुत देरी हो चुकी है इसलिए जल संसाधन विभाग के साथ जल निकासी कार्यक्रम को फिर से चरणबद्ध करने की आवश्यकता है। पानी हीराकुंड जलाशय से लिया जाएगा जिसके लिए राज्य सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।












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