नरोत्तम मिश्रा ने पोषण आहार में अनियमितताओं से इंकार, कहा- कैग की रिपोर्ट फाइनल नहीं

नरोत्तम मिश्रा ने पोषण आहार में अनियमितताओं से इंकार, कहा- कैग की रिपोर्ट फाइनल नहीं

भोपाल, 08 सितंबर: गृहमंत्री और सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को पोषण आहार में अनियमिताओं से इंकार किया। मध्य प्रदेश महालेखाकार की रिपोर्ट पर कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर पोषण आहार में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए है और इस्तीफा देने की मांग की है। विपक्ष ने ट्रक की जगह बाइक, कार, ऑटो के नंबर रजिस्ट्रेशन में मिलने का आरोप लगाया है। इस पर मिश्रा ने कहा कि रिपोर्ट सही नहीं है। ऑडिट ने वाहन क्रमांक एमपी 15 एवी 3835 का उल्लेख किया है जो परिवहन पोर्टल पर दर्ज नहीं है। रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि पोषण आहार वास्तव में एमपी 15 एलए 3835 से किया गया न कि वाहन क्रमांक एमपी 15 एवी 3835 से। पोषण आहार संयंत्र सागर के तौल कांटे और सुरक्षा रजिस्ट्रर में एमपी 15 एलए 3835 दर्ज है। ऑडिट को रिपोर्ट देने से पहले तौल कांटे और सुरक्षा रजिस्ट्ररों को भी देखना चाहिए था जहां पर सही एंट्री की गई है।

Narottam Mishra denies irregularities in poshan aahar yojna scam

ऑडिट रिपोर्ट में 8 जिलों में करीब 97 हजार 656 मीट्रिक टन का पोषण आहार प्राप्त हुआ, लेकिन आंगन वाडियों में लगभग 86 हजार 377 मीट्रिक टन परिवहन किया गया। शेष पोषण आहार नहीं पाया। मिश्रा ने बताया कि ऑडिट दल ने उसी पोषण आहार की मात्रा को हिसाब में लिया, जिसके परिवहन देयकों का भुगतान हो चुका है। जिन देयकों का भुगतान नहीं हुआ उतने पोषण आहार की उन्होंने गणना नहीं की। यह पोषण आहार परिवहन हुआ था। इसलिए वह स्टॉक में नहीं था। मात्र परिवहन का भुगतान न होने के कारण यह नहीं माना जा सकता कि पोषण आहार वास्तव में परिवहन नहीं हुआ।

मिश्रा ने स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों की संख्या को लेकर कहा कि महिला बाल विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के बालिकाओं संबंधी आंकड़े एक हो ही नहीं सकते। क्योंकि भारत सरकार को भेजी गई जानकारी में स्पष्ट कहा गया है कि जिन 2 लाख 52 हजार बालिकाओं को पोषण आहार दिया गया, वह बालिकाएं स्कूल में नहीं जाती है। मिश्रा ने कहा कि रजिस्ट्रर में होने वाली प्रविष्टियों पर समुचित ध्यान के अभाव में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट से विसंगतियों पैदा हुई है।

मिश्रा ने कहा कि कैग ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से दो सप्ताह में वास्तविक स्थिति की जानकारी चाही है। ताकि उसको सीएमजी रिपोर्ट में शामिल करें या ना करें इस संबंध में निर्णय ले सकें। कैग की वर्तमान रिपोर्ट फाइनल नहीं है। मिश्रा ने कहा कि हम पर आरोप लगाने वाले खुद घपले-घोटालों में घिरे हुए हैं। इसलिए इस प्रकार का प्रपंच रच रहे हैं। पोषण आहार संबंधी कोई गड़बड़ नहीं हुई है। हम दो सप्ताह में समुचित जवाब देंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि दोषियों को लेकर सरकार चुप क्यों है। इस मामले की जांच क्यों नहीं कराई जा रही है। कांग्रेस सरकार के समय कैग की रिपोर्ट को लेकर बीजेपी के नेता हंगामा करते थे। वहीं, अब कैग की रिपोर्ट को खारिज कर रहे है। कमलनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घोटाले की जांच तय करना चाहिए।

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