पंजाब: आरपीजी हमले का मुख्य दोषी मुंबई से गिरफ्तार, अब तक 8 दोषी पकड़े
चंडीगढ़, 13 अक्तूबर: मुख्यमंत्री भगवंत मान के दिशा-निर्देशों पर समाज विरोधी तत्वों के विरुद्ध चलाई जा रही जंग में पंजाब पुलिस की काउन्टर इंटेलिजेंस ने केंद्रीय एजेंसी और एटीएस महाराष्ट्र के साथ साझे ऑपरेशन में रॉकेट प्रोपैल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले के मुख्य दोषी चढत सिंह को आज सुबह मुम्बई से गिरफ्तार करने के बाद एक और बड़ी सफलता हासिल की। यह आरपीजी हमला 9 मई, 2022 को मोहाली में इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर लगभग 19.45 बजे किया गया था।

पंजाब पुलिस के डायरैक्टर जनरल (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि गिरफ़्तार किया गया मुलजिम इस हमले का मुख्य संचालक है और कैनेडा स्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकवादी लखबीर सिंह उर्फ लंडा का सहयोगी है।
उन्होंने कहा कि मुलजिम चड़त ने लंडा की मदद से राज्य भर में एक मजबूत अपराध नेटवर्क बनाया हुआ था और आरपीजी हमले को अंजाम देने वाले व्यक्तियों को लौजिस्टिक सहायता और पनाह प्रदान कर रहा था। चढ़त ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी हरविन्दर सिंह उर्फ रिन्दा के द्वारा पाकिस्तान आईएसआई के सक्रिय समर्थन के साथ सरहद पार से एक आरपीजी, एके-47 और अन्य हथियार भी मंगवाए थे।
इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ( आईजीपी) हेडक्वाटर सुखचैन सिंह गिल ने प्रेस कॉनफ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि मुलजिम चड़त सिंह की गिरफ्तारी के साथ पंजाब पुलिस इस मामले में अब तक आठ मुलजिमों को गिरफ्तार कर चुकी है, जब कि हमले में शामिल एक और नाबालिग मुलजिम की दिल्ली पुलिस द्वारा हाल ही में की गई गिरफ्तारी से इस मामले में गिरफ़्तारियों की कुल संख्या 9 हो गई है।
इससे पहले पंजाब पुलिस द्वारा निशान सिंह, जगदीप सिंह, बलजिन्दर सिंह रैंबो, कंवरजीत सिंह बाठ, अनंतदीप सिंह सोनू, बलजीत कौर सुक्खी, लवप्रीत सिंह विक्की को गिरफ़्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस टीमें इस मामले के आखिरी दोषी दीपक कुमार निवासी झज्जर, हरियाणा को गिरफ़्तार करने के लिए छापेमारी कर रही हैं, जिसने आरपीजी हमला किया था।
इस सम्बन्धी और जानकारी देते हुए आईजीपी सुखचैन गिल ने बताया कि मुलजिम चड़त एक आदतन अपराधी है और वह पंजाब में कत्ल, कत्ल की कोशिश और आम्र्स एक्ट के अंतर्गत कई घृणित अपराधों के मामलों का सामना कर रहा है। मुलजिम एक कत्ल केस में उम्र कैद की सजा भुगत रहा था और आरपीजी हमले के समय पर वह पैरोल पर बाहर था। उन्होंने आगे बताया कि चढ़त ने अपने साथियों के साथ मिलकर मार्च 2015 में तरनतारन के खेमकरण में एक दुकानदार शशी कपूर का कत्ल कर दिया था।
आईजीपी ने कहा कि चड़त ने अपनी पैरोल के दौरान आरपीजी हमला किया, जिसका उद्देश्य राज्य में सांप्रदायिक सद्भावना और शांति को भंग करना था, को अंजाम देने के लिए तरनतारन क्षेत्र से निशान कुल्ला और अन्यों समेत अपने साथियों को दोबारा एकत्र किया। जि़क्रयोग्य है कि पंजाब पुलिस मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोच के अनुसार राज्य को अपराध मुक्त बनाने के लिए यत्नशील है।












Click it and Unblock the Notifications