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ओडिशा में दवाओं के उल्टे रिएक्शन की निगरानी आसान, SBC मेडिकल कॉलेज में एक्सपर्ट्स ने छात्रों को दिए टिप्स

ओडिशा में स्वास्थ्य विभाग प्रतिकूल दवाओं को लेकर जागरूकता अभियान समय- समय चलाता है। अब इसमें निजी संस्थाएं भी शामिल हो रही हैं। दरअसल, एडीआर रिपोर्टिंग फॉर्म के जरिए दवाओं के रिएक्शन मामले में सीधे संज्ञान लिया जा सकेगा। गलत दवाओं के रिएक्शन की शिकायत कैसे की जाएगी इसको लेकर एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के फार्माकोलॉजी विभाग ने एक कार्यशाला आयोजित की, जिसका विषय 'सार्वजनिक स्वास्थ्य में फार्माकोविजिलेंस की भूमिका' था। इस वर्कशॉप में विभिन्न विभागों के जाने- माने चिकित्सकों ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। मेडिकल एक्सपर्ट्स ने दवाओं के रिएक्शन को लेकर निगरानी और सक्रियता बढ़ाने की अपील की।

एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के फार्माकोलॉजी विभाग में दवाओं के रिएक्शन को लेकर अहम चर्चा के अलावा स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के बीच एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यशाला में बताया गया कि प्रतिकूल दवा से होने वाले रिएक्शन की रिपोर्टिंग को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को समय-समय पर जागरूक किया जाता है। फिर भी अगर दवा के रिएक्शन का मामले आते हैं तो आमजन आसानी से इसकी शिकायत सकते हैं। इसके लिए एडीआर रिपोर्टिंग फॉर्म उपलब्ध हैं, जिन्हें भरकर निगरानी केंद्र में जमा करना होता है।

SCB Medical College workshop

एडीआर मॉनिटरिंग सेल के समन्वयक और फार्माकोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर तृप्ति रेखा स्वैन ने छात्रों को बताया कि फार्माकोविजिलेंस एसोसिएट विजीफ्लो सॉफ्टवेयर के माध्यम से रिपोर्ट किए गए एडीआर को राष्ट्रीय डेटाबेस तक पहुंचाया जाता है। कोई भी जन सामान्य एडीआर की रिपोर्ट कर सकता है। प्रोफेसर स्वैन ने बताया कि वे या तो निकटतम स्वास्थ्य देखभाल केंद्र में, या मोबाइल ऐप या राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर (1800-180-3024) के माध्यम से रिपोर्ट कर सकते हैं।

प्रोफेसर तृप्ति रेखा स्वैन कार्यशाला के समापन पर कहा कि उम्मीद है कि प्रतिभागी फार्माकोविजिलेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेंगे, जिससे लोगों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित होगी। उन्होंने आगे कहा कि दवाओं का रिएक्शन एक गंभीर और प्रत्याशित स्थिति होती है। ये रिएक्शन घातक होता है। दवाओं का अप्रत्याशित रिएक्शन मरीजों की जान के खतरे की स्थिति उत्पन्न करता है। ऐसे में उसे त्वरित और सटीक उपचार की आवश्यकता होती है।

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