आंगनवाड़ी केंद्रों की उपयोगिता में प्रदेश को मॉडल बनाएं: CM खट्टर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले 6 साल तक के बच्चों, उन केंद्रों को संचालित करने वाले वर्कर्स तथा वहां काम करने वाली हेल्पर्स की उपस्थिति भी प्रतिदिन ऑनलाइन लगेगी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में स्थित सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का डाटा ऑनलाइन अपडेट किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों की उपयोगिता के मामले में प्रदेश को ऐसा मॉडल बनाएं ताकि अन्य राज्य भी अनुसरण करें। मुख्यमंत्री चंडीगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले 6 साल तक के बच्चों, उन केंद्रों को संचालित करने वाले वर्कर्स तथा वहां काम करने वाली हेल्पर्स की उपस्थिति भी प्रतिदिन ऑनलाइन लगेगी। उन्होंने आंगनवाड़ी वर्कर्स को. यथाशीघ्र मोबाइल उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए ताकि वे अपने केंद्र के डाटा को अपडेट रख सकें।
उक्त सभी का डाटा परिवार पहचान पत्र से जोड़ने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे बच्चों को समय पर टीकाकरण करने, पौष्टिक आहार देने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि डाटा अपडेट होने से केंद्र व राज्य सरकार की बच्चों के हित में चलाई जाने वाली विभिन्न योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में भी आसानी होगी।
मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के 'बाल संवर्धन मॉड्यूल' के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा की और इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी.उमाशंकर, उपप्रधान सचिव केएम पांडुरंग, महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त पी़ अमनीत कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।












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