Makar Sankranti 2023: राजस्थान सरकार ने बनाई पतंगबाजी की नई गाइडलाइन
पतंगबाजी में चाइनीज मांझे और ग्लास का उपयोग मानव व पक्षी दोनों के लिए हानिकारक है इसलिए गहलोत सरकार ने इसके लिए गाइडलाइन जारी की है।

Rajasthan : राजस्थान में सरकार ने मकर संक्रांति पर पतंगबाजी के लिए नई गाइडलाइन जारी की है.प्रदेश के सभी कलेक्टरों को गृह विभाग ने आदेश दे दिया है.इस पर कड़ी कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं.मकर संक्रांति पर सुबह 6 बजे से 8 बजे तक और शाम को 5 बजे से रात 7 बजे तक पतंग उड़ाने पर रोक लग गई है.इस दौरान प्लास्टिक और सिंथेटिक पदार्थ से बने मांझे का उपयोग व निर्माण भी प्रतिबंधित किया गया है.बताया गया है कि पतंगबाजी में चाइनीज मांझे,लोहा और ग्लास का उपयोग मानव व पक्षी दोनों के लिए हानिकारक है.ऐसी घटाएं न घटे इसलिए ऐसा नियम लगाया गया है.आए दिन रोज कोई न कोई इन मांझों से घायल हो रहा है.
चायनीज मांझा विक्रेता गिरफ्तार
वहीं जयपुर में चायनीज मांझा बेचने वाले वाले विक्रेता को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.सुभाष चौक थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक गोदाम पर छापा मारा है. वहां से चायनीज मांझे की करीब 500 चर्खियां बरामद हुई हैं.जानकारी के अनुसार रामगंज निवासी अल्ताफ कुरैशी का पुराना आमेर रोड स्थित नटवाड़ा हॉउस में गोदाम और रामगंज में पतंग डोर की दुकान है.आठ कार्टन में चायनीज मांझे की 500 चर्खिया और 2000 मीटर चायनीज मांझा भरा हुआ था.व्यापारी को आदेश के अवहेलना में गिरफ्तार किया गया है.
चायनीज मांझे की वजह से हर दिन बड़ी संख्या में पक्षी घायल हो रहे हैं.वहीं हर दिन कोई न कोई व्यक्ति भी घायल हो रहा है.चायनीज मांझे को रोकने के लिए हर बार पुलिस प्रशासन काम करता है.लेकिन हर बार मनमानी का आलम जारी रहता है.अब मकर संक्रांति आने पर प्रशासन ज्यादा शख्ती दिखा रहा है.वहीं जयपुर में कई जहगों पर घायल पक्षियों के लिए इलाज के लिए चलते-फिरते अस्पताल की तरह व्यवस्था की गई है.जहां पर घायल पक्षियों को राहत मिल जाती है.लेकिन चायनीज मांझे को रोकने के लिए कई बार मांग उठी है.
राजस्थान में कब है मकर संक्रांति
वैसे तो राजस्थान में हर साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाती रही है.वहीं 2023 में मकर संक्रांति की तिथि को लेकर कुछ भी साफ नहीं है.इस बार जहां कुछ लोग 14 जनवरी तो वहीं कुछ लोग 15 जनवरी को मनाने की तैयारी में है।












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