भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए खट्टर सरकार ने उठाया बड़ा कदम, बनाई गई हाई पावर कमेटी
भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए खट्टर सरकार ने उठाया बड़ा कदम, बनाई गई हाई पावर कमेटी
चंडीगढ़, 25 मार्च: सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में जुटी प्रदेश सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ नई हाई पावर कमेटी बनाई गई है जिसमें मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से लेकर कई बड़े अधिकारी शामिल होंगे। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की सभी छह मंडलों में स्वतंत्र इकाइयां बनाई जाएंगी जिनकी कमान मंडलायुक्त के हाथ में रहेगी।

सरकारी कर्मचारियों के लिए मानव संसाधन (एचआर) विभाग बनाया जाएगा। यह विभाग कर्मचारियों से जुड़ा रिकार्ड, स्थानांतरण, उनके ऊपर चल रहे मामले व सेवानिवृत के बाद पेंशन से जुड़े मामले देखेगा। खुद मुख्यमंत्री यह महकमा संभालेंगे, जबकि सचिव आइएएस चंद्रशेखर खरे को बनाया गया है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक में भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करने की बात कही। कोरोना के चलते दो साल से मुख्यमंत्री की डीसी-एसपी के साथ बैठक नहीं हो पा रही थी। 16वीं बैठक में मुख्य रूप से बजट के बिंदुओं पर चर्चा के साथ-साथ भ्रष्टाचार पर कैसे रोक लगाई जाए, इस पर मंथन किया गया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भ्रष्टाचार पर और अधिक प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए मुख्य सचिव की अगुवाई में हाई पावर कमेटी बनाई गई है। इसमें राजस्व वित्तायुक्त, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, सीआइडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक तथा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के निदेशक इसके सदस्य होंगे। भ्रष्टाचार की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए हर महीने इस कमेटी की बैठक होगी।
एक करोड़ रुपये तक के भ्रष्टाचार की जांच करेगी मंडलायुक्त की टीम
मंडल स्तर पर भ्रष्टाचार से निपटने के लिए सभी मंडलों में राज्य सतर्कता ब्यूरो की स्वतंत्र इकाई मोर्चा संभालेगी। मंडल स्तर की टीम ग्रुप बी, सी और डी श्रेणी के सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध मिली एक करोड़ रुपये तक की शिकायतों की जांच करेगी। ग्रुप-ए श्रेणी के अफसरों व एक करोड़ रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच स्टेट विजिलेंस ब्यूरो पहले की तरह करता रहेगा। इसके अलावा विजिलेंस विभाग द्वारा अतिरिक्त जिला उपायुक्तों की अध्यक्षता में पहले ही जिला विजिलेंस टीम गठित की गई हैं। सरकार ने इन्हें भी मजबूत किया है। पिछले दो महीनों में इनके पास 98 शिकायतें आई हैं, जिनकी जांच जारी है।
30 मार्च से लोन देने का चरण होगा शुरू
मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने बताया कि एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की आय बढ़ाने के लिए शुरू किए गए अंत्योदय रोजगार मेलों के दो चरण पूरे हो चुके हैं। इनके लाभार्थियों को 30 मार्च से लोन देने का चरण शुरू होगा। अभी तक एक लाख 42 हजार परिवार इन मेलों में पहुंचे हैं। इनमें से 82 हजार परिवारों के आवेदन सत्यापित किए गए हैं। अंत्योदय मेलों का मई में तीसरा चरण शुरू होगा।
पहले के लोग छिपाते थे, हम पकड़ते हैं
मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए दंडात्मक, सुधारात्मक और चरित्र निर्माण पर ध्यान दिया जा रहा है। भ्रष्टाचार आज गहराई तक घुस चुका है। पहले लोग इसे उजागर नहीं करते थे, लेकिन हमने इसे पकड़ने का काम किया है। सरकार का मुख्य ध्येय है कि भ्रष्टाचार करने वालों के मन में भय का माहौल बने। इसके लिए सरकार ने आनलाइन सिस्टम तैयार किया है।












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