केजरीवाल का किसानों से वादा- हम आपको फसलों का सही मूल्य देंगे और तुरंत भुगतान करेंगे

जालंधर, 17 फरवरी 2022: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और पार्टी के पंजाब अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भगवंत मान (एमपी) ने 'मिशन-2022' के लिए सूबे के किसानों को भरोसा दिया है कि 'आप' की सरकार अन्नदाताओं को मंडियों में कभी भी परेशान नहीं होने देगी।

Kejriwals promise to punjab farmers - we will give the right price for the crops and pay you immediately

पंजाब की किसानी के बारे में विशेष बातचीत के दौरान अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि अन्नदाता न केवल देश कि अर्थवयवस्था की रीढ़ की हड्डी है, पर दुख इस बात का है कि आज पंजाब का किसान और खेत मज़दूर गंभीर वित्तीय संकट से गुज़र रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक पंजाब के किसानों पर संगठित और गैरसंगठित संस्थानों (बैंक/आढ़ती) का लगभग 1 लाख करोड़ रूपये का कर्ज है। जिस के लिए अभी तक सत्ता का सुख भोगते करते आ रहे कांग्रेसी, अकाली दल और भाजपा वाले सीधे तौर पर ज़िम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि बादल सरकार की तरह कांग्रेस कि सरकार ने एक भी फसल समयं पर नहीं उठाई और न किसानों को समय पर पैसा दिया।

अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि 2022 में आम आदमी पार्टी की रिकार्ड बहुमत से बन रही सरकार के लिए कृषि सेक्टर सबसे बड़ी तरजीह होगी और दिल्ली की तर्ज पर फसलों के नुकसान की भरपाई की जाया करेगी, क्यूंकि वहां (दिल्ली) में प्रति एकड़ 20 हज़ार रूपये तुरंत मुआवजा देने प्रावधान किया गया हैं।

अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि 'आप' की सरकार किसानों को मंडियों में परेशान नहीं होने देगी और अन्नदाता को आर्थिक और मानसिक शोषण से पक्के तौर पर निजात देगी। "हम यह यकीनी बनाएंगे कि फसलों के मंडीकरण के समय किसानों को मंडियों में कोई परेशानी न हो, सभी फसलों का पूरा मूल्य और तुरंत भुगतान हो। इसके लिए सरकार ठोस निति तहत ज़िम्मेवारी और जवाबदेही तय करेगी।

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की जनता और पंजाब की अर्थ वयवस्था का पूरा आधार खेतीबाड़ी पर ही खड़ा है, पर आज तक की सरकारों ने किसानी को कभी रत्तीभर भी तवज्जो नहीं दी, यही वजह है कि अन्न का उत्पादन में विश्व स्तर पर अनाज पैदा करने में विशेष मुकाम रखने वाले पंजाब के पास आज भी खेती-निति (एग्रीकल्चरल पॉलिसी) नहीं है।

कांग्रेस-कैप्टन और बादल-भाजपा का सारा ध्यान पंजाब और पंजाबियों के सभी संसाधनों -स्रोतों को लूटने पर ही केंद्रित रहा, किसी ने भी निस्वार्थ हो कर किसानों और खेत मज़दूरों के हित्तों और उनके वर्चस्व को बचने के लिए नहीं सोचा। जिसकी सबसे स्टीक मिसाल पंजाब कृषि विश्व विद्यालय (पीएयू) है। जिसकी स्थापना कृषि क्षेत्र में नए बीज और रिसर्च के लिए की गई थी।

पीएयू की इस समय इतनी दयनीय स्थिति है कि वह अपनी फसलों को भी बीमारियों और सूंडियों से नहीं बचा पा रही, क्यूंकि पीएयू के पास नई खोज व अनुसधान के लिए कोई फंड ही नहीं है। यहां तक कि पीएयू के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे तक नहीं है। आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही पीएयू समेत सभी कृषि खोज केंद्रों के लिए विशेष बजट प्रवधान किया जाएगा।

भगवंत मान ने कहा कि कृषि और किसानों के लिए सरकारों की बेरुखी का घातक नतीजा यह निकला कि पुरे देश का पेट भरने वाला पंजाब का किसान और मज़दूर खुद भुखमरी का शिकार हो गया। असहनीय कर्जे के भार तले दब गया और निराशा के आलम में खुदकशी करने के गलत रस्ते पर चला गया, जो कि पुरे आवाम और देश को शर्मसार करने वाली त्रासदी है।

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब का हर वर्ग और व्यापार -धंधा खेतीबाड़ी के साथ सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है, इस लिए जब कृष को यकीनन, लाभकारी-धंधा बने में कामयाबी हासिल हो जाएगी तो दुकानदारों , आढ़तियों, व्यापारियों-कारोबारियों, उद्योग और बाकी सभी वर्गों की आर्थिक तरक्की अपने आप होना तय है।

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