केजरीवाल सरकार का संकल्प, दिल्ली को बनाना है 'ई-व्हीकल कैपिटल', दफ्तरों में होगा चार्जिंग स्टेशन
नई दिल्ली, 10 फरवरी। दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या में तो लगातार इजाफा हो ही रहा है, साथ ही अब चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। तीन महीने के अंदर दिल्ली सरकार के सभी कार्यालयों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों के अलावा वहां आने वाले आम नागरिक अपनी ई-गाड़ियों को आसानी से चार्ज कर सकेंगे।

दिल्ली सरकार ने अपने सभी सरकारी दफ्तरों में चार्जिंग स्टेशन बनाने को लेकर जरूरी आदेश जारी कर दिए हैं। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि दिल्ली को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की राजधानी बनाने के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विजन को साकार करने के लिए शहर में तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। सरकार के नए फैसले के तहत अब सभी सरकारी दफ्तरों में चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जहां पर सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ आम जनता भी अपनी गाड़ियां चार्ज कर सकेगी।
चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए जगह की पहचान करें
दिल्ली सरकार के सभी विभागों को चार्जिंग स्टेशन बनाने को लेकर जगह की पहचान करने को कहा गया है। डिस्कॉम के पैनल में शामिल वेंडर के जरिए चार्जिंग स्टेशन बनवाने पर 6 हजार रुपये प्रति चार्जिंग पॉइंट सब्सिडी मिलेगी। डिस्कॉम के साथ मिलकर परिवहन विभाग ने सिंगल विंडो प्रक्रिया स्थापित की है। सिंगल विंडो प्रक्रिया का उपयोग डिस्कॉम्स के पैनल वाले विक्रेताओं से रियायती और कम टैरिफ पर ईवी चार्जर लगाने के लिए किया जा सकता है।
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दिल्ली में तेजी से बढ़ रही ई-वीकल की तादाद
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए वेबसाइट भी लॉन्च की है। साथ ही, सरकार ने सवारी एग्रीगेटर्स और डिलिवरी सेवा क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों को अनिवार्य किया है। दिल्ली में सितंबर से नवंबर-2021 की तिमाही में इलेक्ट्रिक गाड़ियों ने सीएनजी और डीजल की गाड़ियों की बिक्री को पीछे छोड़ दिया है। कुल बेचे गए वाहनों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का 9 फीसदी हिस्सा है, जबकि राष्ट्रीय औसत 1.6 फीसदी है।
सितंबर और नवंबर में ईवी की बिक्री 9.2 फीसदी थी, वहीं सीएनजी गाड़ियों की बिक्री नवंबर में 6.5 फीसदी रह गई है। इस दौरान कुल 9540 इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री हुई। इसमें से सितंबर में 2873, अक्टूबर में 3275 और नवंबर में 3392 इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री हुई। पेट्रोल वाहनों के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री दूसरे स्थान पर पहुंच गई है।












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