Jharkhand: पैतृक गांव ले जाया गया जगरनाथ महतो का पार्थिव शरीर, राजकीय सम्मान के साथ होगी अंत्येष्टि
झारखंड के शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री महतो (56) का बृहस्पतिवार को चेन्नई के एक अस्पताल में निधन हो गया, जहां उनका उपचार हो रहा था।

झारखंड के दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का पार्थिव शरीर डुमरी विधानसभा ले जाया गया। यहां से उनका पार्थिव शरीर बोकारो स्थित उनके पैतृक आवास भंडारीदह ले जाया जाएगा। आज ही शाम 4:30 बजे राजकीय सम्मान के साथ झारखंड की सियासत में टाइगर के नाम से मशहूर जगरनाथ महतो की अंत्येष्टि होगी।
विधानसभा परिसर में दी गई श्रद्धांजलि
गौरतलब है कि रांची एयरपोर्ट से शिक्षा मंत्री का शव पहले झारखंड विधानसभा ले जाया गया। यहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्पीकर रबींद्रनाथ महतो, कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों सहित वरीय पदाधिकारियों ने उनको श्रद्धांजलि दी। पुलिस के जवानों ने मातमी धुन बजाकर अंतिम सलामी दी। इसके बाद, शिक्षा मंत्री का पार्थिव शरीर झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यालय ले जाया गया जहां पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन ने जगरनाथ महतो को श्रद्धांजलि दी। झामुमो कार्यालय से उनका पार्थिव शरीर डुमरी विधानसभा ले जाया गया।
बीमारी के बावजूद सक्रिय थे टाइगर
झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो बीते 2 साल से बीमार चल रहे थे। कोरोना संक्रमित होने के बाद चेन्नई में उनका लंग्स ट्रांसप्लांट किया गया था। 8 महीने लंबे इलाज के बाद पिछले साल जून महीने में जगरनाथ महतो वापस झारखंड लौटे थे। चिकित्सकों ने सलाह दी थी कि वह आराम करें लेकिन शिक्षा मंत्री विभागीय कामों, जनसेवा और अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे में व्यस्त रहे। यहां तक कि कई बार बाइक से ही औचक निरीक्षण को निकल पड़े। जाहिर है कि इन सब बातों का उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।












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