झारखंड राज्यपाल के बयान पर गरमाई राजनीति, कांग्रेस-झामुमो ने किया पलटवार
झारखंड राज्यपाल के बयान पर गरमाई राजनीति, JMM ने किया पलटवार
झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस के एटम बम वाले बयान पर राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस-झामुमो ने इस पर पलटवार किया है। झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य कहा कि हम कारपेट बॉम्बिंग करेंगे। वहीं कांग्रेस ने कहा कि राज्यपाल का बम डिफ्यूज हो चुका हैं। वहीं, भाजपा ने भी जवाब देते हुए कहा कि सरकार डरी हुई है। इसके बाद पक्ष और विपक्ष में तकरार के आसार बढ़ गये हैं।

गौरतलब है कि कल राज्यपाल ने खनिज लीज मामले में रायपुर में एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल को दिए बयान में कहा था कि वह सेकेंड ओपिनियन ले रहे हैं। ओपिनियन आने के बाद निर्णय लेंगे। श्री बैस ने बातचीत के दौरान कहा था कि दिल्ली में पटाखे पर प्रतिबंध है, झारखंड में नहीं। हो सके एक-आध एटम बम फट जाये। वहीं, दूसरी तरफ चांडिल के धातकीडीह स्थित अपने ननिहाल सोहराय पर्व मनाने पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन से जब बंद लिफाफे के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि लिफाफे को बंद ही रहने दें। सोहराय और छठ पर्व धूमधाम से मनायें।
राज्यपाल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हम कारपेट बॉम्बिंग करेंगे। लाट साहब रायपुर आये हैं। वहां से नागपुर नजदीक है, लेकिन यह हीरानागपुर है। यहां हीरा के साथ-साथ यूरेनियम भी है। यूरेनियम से न्यूक्लियर बम बनता है। राज्यपाल डराने का काम न करें। वह सेकेंड ओपिनियन ले रहे हैं। दूसरा-तीसरा ओपिनियन भी लेते रहें।
सबसे बड़ा ओपिनियन जनता का है। राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता ने अपना ओपिनियन दे दिया है। जनता इस सरकार के साथ है। भाजपा इस राज्य से रिजेक्ट हो चुकी है। झामुमो नेता भट्टाचार्य ने कहा कि पहले ओपिनियन का क्या हुआ। राज्यपाल इसी में कन्फ्यूज हैं।
कांग्रेस ने कहा : बम डिफ्यूज हो चुका है...
कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा है कि राज्यपाल संवैधानिक पद पर बैठे हैं। राज्यपाल किसी दल के नहीं होते हैं, उनको संवैधानिक मर्यादा के अनुरूप काम व व्यवहार करना चाहिए़ पर राज्यपाल भाजपा नेता की तरह बयान दे रहे हैं। झारखंड की जनता को एटम बम से डरा रहे हैं। राज्य में बहुमत की सरकार है, यह किसी बम से डरनेवाली नहीं है।
ठाकुर ने कहा कि राज्यपाल का बम डिफ्यूज हो चुका है। वह सेकेंड ओपिनियन मांग रहे हैं। उनको पहले बताना चाहिए कि पहले ओपिनियन का क्या हुआ। ऐसे बयान से झारखंडी आहत हैं। भाजपा की कोशिश रही है कि एक बहुमत की सरकार को कैसे अस्थिर किया जाये। राज्यपाल के बयान से साफ है कि वह भाजपा के लिए काम कर रहे हैं।












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